दिल्ली की Air Quality खतरे के पार, AQI 421 पर पहुंचा, साँस लेना हुआ मुश्किल

Subham Morya
Subham Morya - Author
Delhi's air quality crossed the danger mark, AQI reached 421, breathing became difficult.

नई दिल्ली: दिल्ली में के दिन के लिए वायु प्रदुषण में थोड़ा सुधर देखने को मिला था लेकिन अचानक से बुधवार को फिर से वायु प्रदुषण अपने चरम पर पहुँच चूका है। दिल्ली शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 7 बजे 421 पर था।

आज सुबह में आनंद विहार, द्वारका, शादीपुर, मंदिर मार्ग, आईटीओ, आर के पुरम, पंजाबी बाग, नॉर्थ कैंपस, मथुरा रोड, रोहिणी, पटपड़गंज, ओखला, इंडिया गेट और मुंडका सहित कई इलाकों में सुबह 6 बजे AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया।

साँस लेना हुआ मुश्किल

इस समय दिल्ली की हवा में पूरी तरफ से जहर घुल चूका है और लोगों का साँस लेना भी मुश्किल हो चूका है। आनंद विहार में AQI 452, आरके पुरम में 433, पंजाबी बाग में 460 और ITO में 413 दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में, ग्रेटर नोएडा में 474 AQI के साथ ‘सबसे प्रदूषित’ हवा थी, जबकि नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह 6 बजे हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थी।

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) 4th स्टेज लागु

परली जलाये जाने से दिल्ली में इस समय भारी वायु प्रदुषण हो चूका है जिसकी वजह से लोगों को साँस की संशय के साथ साथ उनको और भी बहुत सी बीमारियां होने लगी है। अधिकारियों ने प्रदूषण चेतावनी को जारी करते हुये दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 4 को लागू किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में डीजल ट्रकों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

दिल्ली में प्रदुषण को लेकर लगाए गए ये सभी नियम दिवाली के एक सप्ताह के बाद तक लागु रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार की सम-विषम योजना की आलोचना की, और इसे बिना किसी पर्याप्त प्रभाव के “महज दिखावा” कहा।

अदालत ने सवाल किया कि क्या सरकार ने पिछले वर्षों में योजना की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया था, इस बात पर जोर देते हुए कि ऐसे उपाय अक्सर ठोस परिणामों के बजाय दिखावे पर ध्यान केंद्रित करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से ये भी कहा गया की सभी राज्यों की ये जिम्मेदारी बनती है की प्रदुषण को कम किया जाए।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्या होता है

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आसानी से समझने योग्य तरीके से जनता को वायु गुणवत्ता की स्थिति के बारे में प्रभावी ढंग से सूचित करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। इसमें छह AQI श्रेणियां शामिल हैं: अच्छा, संतोषजनक, मध्यम प्रदूषित, खराब, बहुत खराब और गंभीर।

प्रत्येक श्रेणी का निर्धारण परिवेश में वायु प्रदूषकों की सांद्रता के स्तर और उनके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों के आधार पर किया जाता है, जिन्हें स्वास्थ्य ब्रेकप्वाइंट के रूप में जाना जाता है। AQI पैमाने के अनुसार, वायु गुणवत्ता निम्नलिखित श्रेणियों में आती है: 0 से 50 ‘अच्छा’ है, ’51 से 100 ‘संतोषजनक’ है, 101 से 200 ‘मध्यम’ है, 201 से 300 ‘खराब’ है, 301 से 400 है ‘बहुत खराब’ और 401 से 450 ‘गंभीर’ है।

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मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।
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