गुरुग्राम में जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री का बयान - क्या होगा अब इसका समाधान
गुरुग्राम में जलभराव की मौजूदा स्थिति
मानसून के दौरान गुरुग्राम की सड़कों पर पानी भर जाना आम बात हो गई है। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। नरसिंहपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 की सर्विस लेन पर पानी 3-4 फीट तक जमा हो गया जिससे गाड़ियाँ फंस गईं। इधर सुभाष चौक, सोहना रोड, और पुराने दिल्ली-गुरुग्राम रोड जैसे प्रमुख इलाकों में भी यही हाल रहा। एक वायरल वीडियो में बच्चों को पानी से भरी सड़कों पर तैरते देखा गया जिसने शहर के बुनियादी ढांचे की कमियों को उजागर किया। [caption id="attachment_205207" align="alignnone" width="1200"]
गुरुग्राम में जलभराव की मौजूदा स्थिति[/caption]
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के एक सर्वेक्षण के अनुसार शहर की 32 प्रमुख सड़कों पर सही जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। पुरानी दिल्ली रोड, शीतला माता रोड, और सेक्टर 18/19 की डिवाइडिंग सड़कें इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कई जगहों पर नालियाँ अधूरी हैं या खराब हालत में हैं जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है।
सरकार के प्रयास और मुख्यमंत्री का बयान - क्या मायने है इसके
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस समस्या पर बात करते हुए कहा कि भारी बारिश के सामने कोई भी शहर पूरी तरह तैयार नहीं रह सकता। उन्होंने अमेरिका के कैलिफोर्निया का उदाहरण देते हुए बताया कि वहाँ भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। सैनी ने कहा, "गुरुग्राम एक विकासशील शहर है और हम इसे विश्व स्तर के मानकों तक ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। पहले पानी 15 दिन तक जमा रहता था लेकिन अब इसे 3-4 घंटों में हटा लिया जाता है।"सरकार ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। हाल ही में सैनी ने गुरुग्राम में 188 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया जिनमें जल निकासी के लिए बेहतर इंतजाम शामिल हैं। पंचगांव से फरुखनगर और हेली मंडी से फरुखनगर तक की सड़कों को डबल-लेन में अपग्रेड किया गया है और सोहना में अलीपुर-हरिया हेड़ा सड़क का निर्माण भी पूरा हुआ है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने बारिश के बाद पानी निकालने के लिए पंप सेट की व्यवस्था की है और नालों की सफाई के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।#WATCH | Panchkula: On waterlogging in Gurugram, Haryana Chief Minister Nayab Singh Saini, says, "We are working swiftly. Gurugram is a developing city, and we are working to bring it up to international standards. Our officials are also engaged... When heavy rain occurs,… pic.twitter.com/DridqNsn90
— ANI (@ANI) August 2, 2025
लोगों की परेशानियां बरकरार है
जलभराव के कारण गुरुग्राम के लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक जाम की वजह से लोग घंटों सड़कों पर फंसे रहते हैं जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है। सुशांत लोक, सेक्टर 55-57, और राजेंद्र पार्क जैसे पॉश इलाकों में भी पानी घरों में घुस गया जिससे वहाँ रहने वाले लोग परेशान हैं। बिजली की आपूर्ति भी कई जगहों पर बाधित हुई जिसने स्थिति को और बदतर बना दिया। इसके अलावा गुरुग्राम के कई इलाकों में बाहरी राज्यों से आये लाखों की संख्या में कर्मचारी किराये पर भी रहते है जो की सबसे अधिक प्रभावित होते है। वे समय पर अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुँच पाते है जिसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ता है।समाधान की दिशा में क्या किया जा सकता है?
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को हल करने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं और सरकार को इस और ध्यान देने की जरुरत है।- बेहतर जल निकासी व्यवस्था: जीएमडीए को नालियों के निर्माण और रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए। अधूरी या खराब नालियों को जल्द से जल्द ठीक करना जरूरी है।
- सड़क निर्माण में गुणवत्ता: सड़कों का निर्माण इस तरह करना चाहिए कि बारिश का पानी आसानी से निकल जाए। इसके लिए उचित ढलान और मजबूत नालियाँ जरूरी हैं।
- नियमित सफाई: मानसून से पहले और उसके दौरान नालों की नियमित सफाई होनी चाहिए ताकि पानी का बहाव रुके नहीं।
- जागरूकता अभियान: लोगों को कचरा नालियों में न फेंकने के लिए जागरूक करना जरूरी है, क्योंकि कचरे से नालियाँ चोक हो जाती हैं।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग: स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग की मदद से जलभराव की स्थिति को पहले ही भाँपा जा सकता है।