Cyber Fraud in Haryana: शेयर मार्केट के नाम पर गांव के शख्स से 1.55 करोड़ की लूट, गुजरात से 3 गिरफ्तार

रेवाड़ी/गुड़ियानी: डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब उन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, जो अपनी मेहनत की कमाई को शेयर मार्केट के जरिए बढ़ाने का सपना देखते हैं। ताजा मामला हरियाणा के गुड़ियानी गांव का है, जहां एक शख्स को ‘बार्लेज सिल’ (Barclays Cil) नाम के एक फर्जी ऐप के जरिए 1.55 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया गया। साइबर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात के वडोदरा और भरूच से तीन शातिर ठगों को दबोच लिया है।
कैसे बुना गया ठगी का जाल?
मामले की शुरुआत 27 जून 2024 को हुई, जब पीड़ित दिनेश कुमार को एक अनजान व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। यहाँ ठगों ने ‘साइकोलॉजिकल गेम’ खेला। ग्रुप एडमिन ने दिनेश को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए उकसाया। ऐप इंस्टॉल होते ही दिनेश के फोन पर एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म खुल गया।
शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए दिनेश से महज 5,000 रुपये निवेश कराए गए। जब उन्होंने ग्रुप के अन्य सदस्यों (जो असल में ठगों के ही साथी थे) से पूछताछ की, तो सबने स्क्रीनशॉट भेजकर भारी मुनाफे का दावा किया। इसी झांसे में आकर दिनेश ने 22 जुलाई तक कुल 24 से अधिक ट्रांजेक्शन किए और अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी यानी 1 करोड़ 55 लाख 7 हजार रुपये ठगों के हवाले कर दिए।
गुजरात में छिपा था ठगी का ‘कंट्रोल रूम’
साइबर पुलिस की तफ्तीश में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रफुल्ल जगदीश बाविस्कर, राज महेंद्र भाई चौहान और शर्मा विवेक जगदीश के रूप में हुई है। ये तीनों ही गुजरात के रहने वाले हैं।
- प्रफुल्ल जगदीश: इसके बैंक खाते में सीधे ठगी के 40 लाख रुपये पहुंचे थे।
- राज महेंद्र और विवेक: ये दोनों आरोपी ‘मिडलमैन’ का काम करते थे, जो ठगी की रकम को खपाने के लिए बैंक खातों का इंतजाम करते थे।
पुलिस ने राज महेंद्र भाई चौहान को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार और कितने राज्यों से जुड़े हैं।
एक्सपर्ट की सलाह: बचने का सिर्फ एक तरीका
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भेजी गई APK फाइल को कभी डाउनलोड न करें। शेयर मार्केट में निवेश के लिए हमेशा SEBI द्वारा रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें। अगर आपके साथ ऐसी कोई घटना होती है, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें।



