हरियाणा रोडवेज में ‘इलेक्ट्रिक क्रांति’: CM सैनी का बड़ा तोहफा, अब इन शहरों में दौड़ेंगी 200 नई बसें!
हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए 200 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने की बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। हिसार, अंबाला और पलवल समेत कई शहरों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- हरियाणा रोडवेज बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल
- हिसार और अंबाला में अत्याधुनिक बस डिपो का निर्माण
- बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 9 नए सब-स्टेशन
- पलवल में 100 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी
चंडीगढ़: हरियाणा की सड़कों पर अब रोडवेज का ‘नया अवतार’ नजर आने वाला है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन और बिजली ढांचे को लेकर एक ऐसा मास्टरप्लान तैयार किया है, जो न केवल प्रदूषण कम करेगा बल्कि आम आदमी के सफर को भी आरामदायक बनाएगा। सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों की भारी खेप और ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर प्रदेश की हवा और यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। सरकार का मानना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण की चिंता के बीच ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट’ ही भविष्य की चाबी है।
हिसार और अंबाला बनेंगे बड़े हब
योजना के मुताबिक, हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं। लेकिन बात सिर्फ बसों तक सीमित नहीं है। इन बसों को सुचारू रूप से चलाने के लिए हिसार और अंबाला को मुख्य केंद्र के रूप में चुना गया है। यहाँ अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस डिपो विकसित किए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक पर लगभग 13-13 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ये डिपो केवल पार्किंग की जगह नहीं होंगे, बल्कि यहाँ हाई-टेक चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस यूनिट्स भी स्थापित की जाएंगी।
बिजली के ढांचे का कायाकल्प
सिर्फ बसें सड़क पर उतार देने से बदलाव नहीं आता, उसके पीछे की ऊर्जा शक्ति भी मजबूत होनी चाहिए। इसी सोच के साथ सरकार ने प्रदेश के नौ अलग-अलग शहरों में नए बिजली सब-स्टेशन बनाने का फैसला लिया है। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग से ग्रिड पर दबाव बढ़ेगा, जिसे ये नए सब-स्टेशन संतुलित करेंगे।
विशेष रूप से पलवल के लिए सरकार ने तिजोरी खोल दी है। यहाँ करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिसमें दो नए सब-स्टेशन और एक आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण शामिल है।
धुएं से मिलेगी मुक्ति, सफर होगा साइलेंट
हरियाणा के लोग अक्सर रोडवेज की बसों में शोर और धुएं की शिकायत करते थे, लेकिन अब माहौल बदलने वाला है। इलेक्ट्रिक बसें न तो शोर करती हैं और न ही धुआं छोड़ती हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट केवल परिवहन का सुधार नहीं है, बल्कि हरियाणा को एक ‘स्मार्ट स्टेट’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
आने वाले कुछ महीनों में जब ये बसें सड़कों पर उतरेंगी, तो हरियाणा का पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए एक नजीर पेश कर सकता है।



