Kaithal News: कैथल में विकास या विनाश? उखड़ी गलियां और बजबजाती नालियां बनीं काल, नारकीय हुए हालात!

कैथल के वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। उखड़ी हुई गलियां और ओवरफ्लो होती नालियां जनता के लिए मुसीबत बन गई हैं। प्रशासन की मॉनिटरिंग पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल। क्या स्मार्ट सिटी का सपना सिर्फ कागजों तक सीमित है? पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

कैथल। शहर की चमचमाती सड़कों का सपना देख रहे वार्डवासियों के लिए हकीकत किसी डरावने सपने जैसी हो गई है। कैथल के विभिन्न वार्डों में इन दिनों विकास के नाम पर जो ‘खड्डा संस्कृति’ पनपी है, उसने स्थानीय निवासियों का जीना मुहावरे वाला ‘दूभर’ कर दिया है। गलियां उखाड़ तो दी गईं, लेकिन उन्हें दोबारा बनाना शायद प्रशासन भूल गया है। आलम यह है कि घर से बाहर निकलते ही धूल का गुबार और अधूरी सड़कों के पत्थर राहगीरों का स्वागत करते हैं।

यह महज एक इलाके की कहानी नहीं है, बल्कि शहर के लगभग हर दूसरे वार्ड का यही हाल है। लोग समझ नहीं पा रहे कि यह विकास की शुरुआत है या उनके सब्र का इम्तिहान।

ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट: नालियां ओवरफ्लो, सड़कें बनीं तालाब

सिर्फ उखड़ी सड़कें ही सिरदर्द नहीं हैं, बल्कि सफाई व्यवस्था का ‘सिस्टम’ भी पूरी तरह पस्त नजर आ रहा है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी अब सड़कों पर अपनी जगह बना चुका है। राहगीरों को बदबूदार और काले पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ ढाक के तीन पात ही नजर आए।

“हम टैक्स भरते हैं ताकि हमें बुनियादी सुविधाएं मिलें, लेकिन यहां तो पैदल चलना भी दूभर हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ये उखड़ी गलियां किसी बड़ी दुर्घटना का न्योता दे रही हैं।” — एक परेशान निवासी

गांव खुरडा में भी ‘स्वच्छता’ के दावे हवा-हवाई

नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किए गए गांव खुरडा की तस्वीर भी कुछ अलग नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। जलभराव के कारण न केवल मच्छर पनप रहे हैं, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है। स्थानीय लोग अब खुलकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह बदहाली बजट की कमी की वजह से है या फिर मॉनिटरिंग के मोर्चे पर अधिकारी फेल हो रहे हैं?

क्या कहता है प्रशासन?

इस पूरे मामले पर जब नगर परिषद के सचिव नरेंद्र शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने एक रटा-रटाया लेकिन आश्वासन भरा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जहां भी लापरवाही की शिकायत मिलती है, वहां तुरंत एक्शन लिया जाता है।

सचिव ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कूड़ा सिर्फ नपा की गाड़ियों में ही डालें। हालांकि, धरातल पर जो तस्वीरें दिख रही हैं, वे इन दावों से मेल नहीं खातीं। अब देखना यह है कि प्रशासन कब नींद से जागता है और कब कैथल की जनता को इन उखड़ी गलियों से निजात मिलती है।

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Saloni Yadav

सलोनी यादव (Journalist): एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्होंने अपने 10 साल के करियर में कई अलग-अलग विषयों को बखूबी कवर किया है। उन्होंने कई बड़े प्रकाशनों के साथ काम किया है और अब NFL स्पाइस पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं। सलोनी यादव हमेशा प्रामाणिक स्रोतों और अपने अनुभव के आधार पर जानकारी साझा करती हैं और पाठकों को सही और विश्वसनीय सलाह देती हैं। Contact Email: saloniyadav@nflspice.com Website: nflspice.com
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