नूंह में भ्रष्टाचार की जड़ पर चोट: साइबर थाने के बाहर से होमगार्ड और बिचौलिया रिश्वत लेते गिरफ्तार
नूंह में एसीबी गुरुग्राम की बड़ी कार्रवाई। केस की धाराएं कम करने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते होमगार्ड इरफान और बिचौलिया गिरफ्तार। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।
- नूंह साइबर थाने के ठीक सामने भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर
- केस की धाराएं हटाने के नाम पर मांगी गई थी मोटी घूस
- एसीबी गुरुग्राम की टीम ने बिछाया जाल और दबोचे गए आरोपी
- आम जनता की सतर्कता से सलाखों के पीछे पहुंचे भ्रष्ट कर्मचारी
हरियाणा के नूंह में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसी कार्रवाई हुई है जिसने महकमे के भीतर हड़कंप मचा दिया है। अक्सर कानून की रक्षा का दम भरने वाले जब खुद कानून बेचने पर उतारू हो जाएं तो अंजाम क्या होता है यह आज नूंह के साइबर थाने के बाहर साफ नजर आया। गुरुग्राम की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम ने एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए एक होमगार्ड और उसके साथ साठगांठ करने वाले एक बिचौलिये को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह पूरी कहानी शुरू होती है एक मजबूर पत्नी की गुहार से, जिसके पति पर साइबर थाने में मामला दर्ज था। घर की परेशानी और कानूनी पचड़ों के बीच फंसी इस महिला को उम्मीद थी कि उसे इंसाफ मिलेगा लेकिन उसे मिला तो सिर्फ भ्रष्टाचार का लालच। गांव बाई का रहने वाला होमगार्ड इरफान और उसका साथी आबिद हुसैन जो पुन्हाना के फिरोजपुर मेव का निवासी है इस महिला के लिए मददगार बनने के बजाय सौदागर बन गए।
धाराएं कम करने का सौदा और एसीबी का जाल
आरोपियों ने महिला के सामने एक प्रस्ताव रखा कि अगर वह 50 हजार रुपये की रिश्वत दे, तो उसके पति के खिलाफ दर्ज केस की धाराओं को हल्का कर दिया जाएगा और चालान भी जल्द ही अदालत में पेश कर दिया जाएगा। एक आम आदमी के लिए पुलिस और अदालत की लंबी प्रक्रिया किसी सजा से कम नहीं होती और इसी डर का फायदा ये आरोपी उठाना चाहते थे। महिला ने घुटने टेकने के बजाय हिम्मत दिखाई और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का दरवाजा खटखटाया।
एसीबी गुरुग्राम की टीम ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक फुलप्रूफ प्लान तैयार किया। टीम ने महिला को पाउडर लगे हुए 30 हजार रुपये देकर आरोपियों के पास भेजा। जैसे ही साइबर थाने के ठीक सामने इरफान और आबिद ने रिश्वत की यह रकम पकड़ी वहां सादे कपड़ों में तैनात एसीबी के जवानों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। मौके पर हुई इस कार्रवाई ने वहां मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार और विभाग की चेतावनी
पकड़े गए दोनों आरोपियों के पास से रिश्वत के वो 30 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं। अब इन दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। नूंह की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार चाहे थाने की दहलीज के अंदर हो या बाहर कानून के लंबे हाथ वहां तक पहुंच ही जाते हैं।
एसीबी ने इस कार्रवाई के बाद आम जनता से भी एक भावुक अपील की है। विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार खुद जनता की जागरूकता है। अगर कोई भी सरकारी मुलाजिम आपसे काम के बदले पैसे मांगे तो डरने की जरूरत नहीं है। आप सीधे टोल फ्री नंबर 1064 या 1800-180-2022 पर अपनी बात रख सकते हैं। आपकी एक छोटी सी पहल व्यवस्था को साफ सुथरा बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।



