वॉशिंगटन: ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका के सैन्य और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा भूकंप आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना प्रमुख (US Army Chief) जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए उन्हें जबरन रिटायरमेंट का आदेश दे दिया है।
केवल इतना ही नहीं ट्रंप ने अपनी करीबी मानी जाने वाली अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। इन फैसलों ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है क्योंकि अमेरिका इस वक्त एक बड़े युद्ध में शामिल है।
ट्रंप को चाहिए अपना कमांडर
पेंटागन के सूत्रों के मुताबिक, जनरल रैंडी जॉर्ज को हटाने की मुख्य वजह ट्रंप प्रशासन का नया ‘विज़न’ है। जनरल जॉर्ज को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नियुक्त किया था और उनका कार्यकाल 2027 तक था।
ट्रंप और रक्षा मंत्री हेगसेथ एक ऐसा आर्मी चीफ चाहते हैं जो ईरान युद्ध के मामले में पूरी तरह उनकी आक्रामक सोच से मेल खाता हो।
जनरल जॉर्ज के जाने के बाद अब जनरल क्रिस्टोफर ला नेवे कार्यवाहक सेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगे, जिन्हें हेगसेथ का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है।
अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी पर भी गिरी गाज
सैन्य नेतृत्व के साथ-साथ ट्रंप ने न्याय विभाग में भी बड़ी सर्जरी की है। पिछले एक साल से जस्टिस डिपार्टमेंट की कमान संभाल रही पाम बोंडी की छुट्टी कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि ट्रंप इस बात से नाराज थे कि बोंडी उनके विरोधियों पर कार्रवाई करने में सुस्त रहीं।
साथ ही जेफरी एपस्टीन मामले में उनकी भूमिका ने भी आग में घी डालने का काम किया। ट्रंप को लगा कि बोंडी उनके एजेंडे को उस रफ्तार से लागू नहीं कर पा रही हैं, जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
पेंटागन में ‘क्लीन स्वीप’ की तैयारी
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पद संभालते ही अब तक एक दर्जन से ज्यादा सीनियर अधिकारियों को बदल दिया है। इसमें नेवी की टॉप अधिकारी एडम लिसा फ्रैंचेटी और एयर फोर्स के जनरल जिम सिल्फे जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
इससे पहले ट्रंप संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल चार्ल्स सी.क्यू. ब्राउन को भी हटा चुके हैं। जानकारों का मानना है कि ट्रंप युद्ध के बीच अपनी पूरी टीम को बदल रहे हैं ताकि सेना और प्रशासन पर उनका शत-प्रतिशत नियंत्रण रहे।

