हरियाणा के ‘सुपर कोच’ दीपक कंबोज को CM नायब सैनी ने किया सम्मानित, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
रतिया के लाल और भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के कोच दीपक कंबोज ने अपनी मेहनत से इतिहास रच दिया है। CM नायब सिंह सैनी ने उन्हें 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में नाम दर्ज होने पर सम्मानित किया। जानिए कैसे बिना हाथ-पांव वाले खिलाड़ियों को दीपक ने बनाया वर्ल्ड चैंपियन और क्या है उनकी संघर्ष गाथा।
- CM आवास पर विशेष सम्मान
- इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में गौरव
- दिव्यांग क्रिकेट को दी नई ऊंचाई
- शारीरिक बाधाओं पर जज्बे की जीत
Haryana News: सफलता अक्सर सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह उस अटूट संकल्प (Determination) का परिणाम होती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानता। हरियाणा के रतिया के रहने वाले युवा कोच दीपक कंबोज ने इसी मिसाल को हकीकत में बदला है। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘संत कबीर कुटीर’ में एक गरिमामय समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीपक कंबोज को उनकी अद्वितीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
दीपक कंबोज की उपलब्धियों की गूंज अब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (India Book of Records) तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने दीपक को मेडल पहनाकर और प्रशस्ति पत्र (Certificate) सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सिरसा के डेरा बाबा भूमण शाह (संगर सरिस्तां) के पूज्य संत बाबा ब्रह्म दास जी के सानिध्य में संत कबीर कुटीर पर हरियाणा एवं पंजाब से पधारे कम्बोज समाज के सम्मानित जनों का आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर सभी से संवाद कर उनके विचारों और अपेक्षाओं को जानने का अवसर मिला। हमारी सरकार हर… pic.twitter.com/TOcAMUIfBr
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) February 27, 2026
इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि दीपक ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में जज्बा हो, तो शारीरिक चुनौतियां (Physical Challenges) कभी भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। Haryana News
बिना हाथ-पांव वाले खिलाड़ियों को बनाया ‘विश्व विजेता’
दीपक कंबोज का योगदान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के कोच के रूप में उन्होंने ऐसे खिलाड़ियों को तराशा है, जिनके पास हाथ या पांव नहीं थे, लेकिन उनके पास फौलादी इरादे थे। दीपक के मार्गदर्शन में टीम ने:
-
शारजाह में विश्व की सबसे बड़ी दिव्यांग प्रीमियर लीग जीती।
-
बांग्लादेश में त्रिकोणीय श्रृंखला (Tri-series) फतह की।
-
श्रीलंका के विरुद्ध ऑक्सीजन कप और थाईलैंड-मलेशिया कप में तिरंगा लहराया।
आध्यात्मिक और पारिवारिक आशीर्वाद
इस विशेष अवसर पर बाबा भूमन शाह डेरा के गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज भी मौजूद रहे, जिन्होंने दीपक को आशीर्वाद दिया। साथ ही दीपक के पिता कश्मीर सिंह और कम्बोज धर्मशाला रतिया के पूर्व प्रधान की मौजूदगी ने इस पल को भावुक बना दिया।
दीपक कंबोज की यह यात्रा हरियाणा के उस ‘स्पोर्ट्स कल्चर’ को दर्शाती है, जहाँ अब मुख्यधारा के खेलों के साथ-साथ पैरा-स्पोर्ट्स (Para-sports) को भी समान सम्मान मिल रहा है। Haryana News
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान से ग्रामीण क्षेत्रों के उन युवाओं को प्रेरणा मिलेगी जो किसी न किसी शारीरिक अक्षमता के कारण खेल के मैदान से दूर रहते हैं। दीपक अब केवल एक कोच नहीं, बल्कि समावेशी भारत (Inclusive India) के एक सशक्त दूत बनकर उभरे हैं। Haryana News



