- इंडिगो ने DGCA के निर्देशों के बाद घरेलू उड़ानें घटाईं
- 94 रूट्स पर 130 उड़ानें रोकी गईं, मार्च 2026 तक जारी रह सकता है नया मॉडल
- दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्त रूट्स सुरक्षित, छोटे शहरों पर ज्यादा असर
- बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद में उड़ान कटौती सबसे अधिक दर्ज
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो एक बार फिर सुर्खियों में है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की सख्त कार्रवाई के बाद कंपनी ने घरेलू उड़ानों में बड़ी कटौती की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले ऑपरेशनल गड़बड़ियों ने हजारों यात्रियों की यात्रा योजना बिगाड़ दी थी और सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई थी। DGCA के निर्देशों के बाद इंडिगो ने अपने घरेलू नेटवर्क को रीबैलेंस करने की प्रक्रिया शुरू की। कंपनी के मुताबिक लक्ष्य उड़ानों की संख्या से ज्यादा, नियमितता और समय पर प्रदर्शन सुधारना है। पहले जहां इंडिगो रोजाना 2,300 से ज्यादा घरेलू उड़ानें चला रही थी, अब इसे घटाकर लगभग 2,200 के स्तर पर लाने की तैयारी है। यही नहीं, दिसंबर की शुरुआत में 29 दिसंबर, 2025 के लिए 2,008 उड़ानों का प्लान था, जो अब 1,878 पर आ गया है। इस बदलाव से करीब 6.5 फीसदी की वास्तविक कमी दर्ज हुई है। दिल्ली और मुंबई जैसे मेगा हब्स पर कटौती लगभग नगण्य है। दिल्ली से एक भी उड़ान कम नहीं की गई, और मुंबई से केवल दो उड़ानों को हटाया गया। दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बेंगलुरु और मुंबई-बेंगलुरु जैसे गोल्डन कॉरिडोर रूट्स पर 20-20 उड़ानें पहले की तरह चल रही हैं। सबसे बड़ा असर शॉर्ट-हॉल और रीजनल रूट्स पर पड़ा है, जो एक ही राज्य के भीतर या पड़ोसी राज्यों के बीच चलते हैं। बेंगलुरु इस कटौती का सबसे बड़ा शिकार है, जहां 52 उड़ानें कम कर दी गईं। हैदराबाद से 34, चेन्नई से 32, जबकि कोलकाता और अहमदाबाद से 22-22 उड़ानें हटाई गई हैं। कई लोकप्रिय रूट्स पर बदलाव महसूस किए जा रहे हैं। जैसे चेन्नई-मदुरै पर 8 की जगह अब सिर्फ 3 उड़ानें बची हैं। गोवा-सूरत और चेन्नई-दुर्गापुर जैसे रूट्स पर सेवाएं पूरी तरह रोक दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क फिलहाल सुरक्षित है। रोजाना 300 से ज्यादा उड़ानें पहले की तरह जारी रहेंगी और DGCA का आदेश केवल घरेलू सेवाओं पर लागू है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्टाफिंग या टेक्निकल प्रेशर बना रहा तो आगे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में भी सुधार करना पड़ सकता है। इस बदलाव से उन यात्रियों के लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं जो रोजाना या हफ्ते में कई बार शॉर्ट रूट्स पर यात्रा करते हैं। कई यात्रियों ने टिकट बदलने और कनेक्टिंग फ्लाइट मिस होने की आशंका जताई है। उधर, इंडिगो ने बयान में कहा है कि यह कदम लंबी अवधि में यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है और मार्च 2026 तक एक स्थिर ऑपरेशनल मॉडल का लक्ष्य रखा गया है।
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