हरियाणा में मार्च से पहले ही गर्मी का कहर — हिसार में पारा 32.7°C, अब आ रहा है पश्चिमी विक्षोभ
हरियाणा में फरवरी के आखिर में ही गर्मी ने जोर पकड़ लिया है। हिसार में पारा 32.7°C पहुंचा। आज पश्चिमी विक्षोभ से बूंदाबांदी संभव, 4 मार्च तक दो विक्षोभ आएंगे।
चंडीगढ़। फरवरी अभी खत्म भी नहीं हुई और हरियाणा में गर्मी ने ऐसे तेवर दिखाए हैं जो अमूमन मार्च के अंत में नजर आते हैं। सूबे के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा ऊपर चढ़ गया है।
लोग घरों से निकलते हैं तो धूप का असर सीधे चेहरे पर महसूस होता है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े हिसार से आए हैं। यहां अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से करीब 6.3 डिग्री अधिक है।
मौसम विभाग के लिए भी यह आंकड़ा असामान्य है। रात की ठंडक भी अब पहले जैसी नहीं रही। हिसार में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री, करनाल में 11.7 डिग्री, रोहतक और चंडीगढ़ में 12.8 डिग्री दर्ज किया गया। रात का पारा भी राज्य के औसत से करीब 2 डिग्री ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि दिन में जो गर्मी बनती है, रात को वो पूरी तरह उतर नहीं पाती।
अब राहत की उम्मीद कहां से?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा की तरफ बढ़ रहा है। इसके असर से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।
हालांकि यह विक्षोभ कमजोर है, इसलिए भारी बारिश की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि 4 मार्च तक एक के बाद एक दो पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देंगे। इनके आने से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और मौसम का मिजाज थोड़ा बदलेगा।
किसानों और आम लोगों पर क्या असर?
इस असामान्य गर्मी का सबसे ज्यादा असर उन किसानों पर पड़ सकता है जिनकी रबी की फसल अभी खेतों में है। समय से पहले तेज धूप और गर्म हवाएं गेहूं जैसी फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं। कृषि विशेषज्ञ पहले से ही सिंचाई पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
वहीं आम लोग, खासकर बुजुर्ग और बच्चे, दिन के वक्त बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं और तेज धूप में अनावश्यक निकलने से बचें। फिलहाल नजरें मौसम विभाग की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं।