ये तीन पेड़ों की खेती देती है करोड़ों की कमाई – मुनाफा भी होगा है गारंटी के साथ

Subham Morya
Subham Morya - Author
safeda mahogani or sagwan ki kheti

किसान भाई परपरागत खेती करके केवल अनाज पैदा करते है और उनको बाजार में बेचते है। इससे उनको ज्यादा आमदनी नहीं होती और किसानो की आर्थिक हालात भी नहीं सुधरते। ऐसी वजह से हमारे किसान भाइयों को सरकार की मदद के भरोसे पर अपनी खेतीबाड़ी छोडंनी पड़ती है। लेकिन किसान भाई अगर चाहे तो वे अब अपने डैम पर खेती के जरिये करोड़ों रुपये की कमाई कर सकते है। बस इसके लिए आपको इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़ना होगा।

अमेरिका जैसे विकसित देश में लकड़ियों की खेती की जाती है। लकड़ियों की खेती से मतलब पदों की खेती की जाती है जिनसे कीमती लकड़ी प्राप्त होती है। और वे किसान करोड़ों की कमाई करते है। हालाँकि पेड़ों की खेती में कमाई एक निश्चित समय के बाद ही होती है लेकिन जो कमाई मिलती है वो बहुत अधिक होती है।

किसानो को अब अपनी परपरागत खेती के साथ साथ पेड़ों की खेती पर भी जोर देना चाहिए। किसान भाई अपने खेत में इन तीन पेड़ों की खेती करके आसानी से करोड़ों की कमाई कर सकते है। इन तीन पेड़ों में सागवान के पेड़ की खेती, महोगनी के पेड़ की खेती और सफेदा के पेड़ की खेती शामिल है। हालाँकि इसके अलावा और भी बहुत से ऐसे पेड़ है जिनकी लकड़ी की कीमत लाखों में होती है लेकिन ये तीन पेड़ ऐसे हैं जो हमारे भारत के किसान उगा सकते है।

सफेदा के पेड़ की खेती

सफेदा की खेती एक ऐसी खेती है जिसको आप कभी भी और पुरे देश में कहीं पर भी उगा सकते हो। सफेदा के पेड़ की खेती के लिए जवायु और मिटटी के प्रकार कोई भी हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सफेदा के पेड़ सभी तरह की जलवायु में आसानी से उग आते है। लेकिन jis खेत में आप सफेदा की खेती करना चाहते है उस खेत की मिटटी की जाँच एक बार जरूर करवानी चाहिए क्योंकि सफेदा की खेती के लिए मिट्टिन का pH मान 6.5 से 7.5 होना जरुरी होता है।

सफेदा की खेती में खेत में बाकि की जो जगह बचती है उस जगह में आप सब्जियों की खेती भी कर सकते है। सफेदा की लकड़ी की मार्किट में बहुत अधिक डिमांड होती है । इसी के चलते सफेदा की लकड़ी के दाम भी काफी जायदा हेट है। सफेदा की खेती को तैयार होने में लगभग 10 साल का समय लगता है। इसकी खेती करके किसान भाई आसानी से करोड़ों रूपए की कमाई कर सकते है।

सागवान के पेड़ की खेती

सागवान का पेड़ (Tectona grandis) एक बहुउद्देशीय पेड़ है जिसकी लकड़ी फर्नीचर, ईमारत के अलावा नाव बनाने के काम में भी ली जाती है। सागवान का पेड़ की खेती भारत में काफी राज्यों में की जाती है। इसकी खेती के लिए उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र काफी उत्तम माने जाते है और इनमे सागवान के पेड़ की क्वालिटी बहुत ही बेहतरीन होती है।

सागवान के पेड़ की खेती में समय ज्यादा लगता है लेकिन इसकी लकड़ी की डिमांड मार्किट में बहुत अधिक होने के कारण इसके रेट भी बहुत अधिक होते है। सागवान के पेड़ों को गर्म और आर्द्र जलवायु में बड़ी ही आसानी के साथ में उगाया जाता है। किसन भाई अगर इसकी खेती करना चाहते है तो इनकी कलम विधि से खेती करनी चाहिए क्योंकि बीजों के द्वारा तैयार किये गए पेड़ में बढ़ौतरी अधिक दिनों में होती है।

महोगनी के पेड़ की खेती

महोगनी की खेती करके भी आप करोड़पति बन सकते है। महोगनी के एक पेड़ की कीमत लगभग 50 हजार के आसपास होती है और एक एकड़ में आसानी से किसान भाई 150 पेड़ों को लगा सकते है। महोगनी की लकड़ी की मार्किट में बहुत अधिक डिमांड रहती है। महोगनी की खेती में महोगनी के पौधों को लगाने के 12 साल के बाद इनसे लकड़ियां मिलनी शुरू हो जाती है। महोगनी की लकड़ी में किसी भी प्रकार के रोग या फिर दीमक आदि का खतरा नहीं रहता और महोगनी की लकड़ी काफी सालों तक ख़राब भी नहीं होती है।

बाजार में महोगनी के पेड़ की लकड़ियों की कीमत लगभग 2 हजार रुपये प्रति घन फ़ीट होती है। इसलियते एक पेड़ आपको आसानी से 50 हजार की इनकम कर सकते है। महोगनी की खेती आप अपने खेत की मेढ़ पर पौधों को लगाकार भी कर सकते है।

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मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।
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