नैनो यूरिया का उपयोग कब किया जाता है?, नैनो यूरिया 1 एकड़ में कितना डालना चाहिए?

Subham Morya
Subham Morya - Author
When is Nano Urea used,

नई दिल्ली: Farmers News – किसान भाइयों के लिए कृषि वैज्ञानिकों और फर्टिलाइजर निर्मातों ने बहुत से ऐसे खाद और बीज विकसित कर लिए है जिनकी मदद से अब खेती करना बहुत आसान हो गया है। किसान भाइयों को अब खेतीबाड़ी के बारे में फ़ोन पर ही तुरंत काफी कुछ जानकारी मिल जाती है। किसान के लिए ऐसे ही एक उत्पाद है नैनो यूरिया (Nano Urea) और इसके इस्तेमाल से किसान भाई काफी लाभ भी प्राप्त कर रहे है।

नैनो यूरिया को विकसित करने का मैन उद्देस्य (The main objective of developing Nano Urea) यही था की किसी भी तरफ से खेतों में डाले जाने वाले यूरिया खाद की निर्भरता (dependence on urea fertilizer) को कम किया जा सके और ऐसा हो भी रहा है। नैनो यूरिया के इस्तेमाल से अपने पारम्परिक यूरिआ खाद की आवशयकता 50 फीसदी तक नैनो यूरिया के इस्तेमाल करने के बाद हो जाती है। नैनो यूरिया (Nano Urea) की एक बोतल (500ml) में करीब करीब 40,000 मिलीग्राम/लीटर नाइट्रोजन की मात्रा होती है जो की पारम्परिक यूरिया की एक बोरी के बराबर होता है। ये उतना हो पौषक तत्व प्रदान करने में सक्षम होता है जितना किसान भाई एक बोरी पारम्परिक यूरिया खाद के इस्तेमाल से अपनी फसल को देते है।

एक एकड़ में मौजूदा समय में किसान भाई पारम्परिक यूरिया की लगभग ढाई बोरी इस्तेमाल करते है जो की बहुत ज्यादा होती है और जमीन और फसल तथा पर्यावरण के लिए बहुत नुकसान दायक होती है। वहीं अगर आप नैनो यूरिया का इस्तेमाल एक एकड़ में करते है तो आपको केवल 500ml में ही पूरा काम हो जाता है और फसल को उतने ही नाइट्रोजन (Nitrogen) की पूर्ति हो जाती है जितनी की ढाई बोरी पारम्परिक यूरिया खाद से हो रही थी।

नैनो यूरिया क्या है?

किसान भाइयों को सबसे पहले तो ये जानना जरुरी है की आखिर नैनो यूरिया है क्या? आपको बता दें की नैनो यूरिया एक उर्वरक (Nano Urea is a fertilizer) ही है जो फसलों में दिया जाता है और ये तरफ रूप में होता है जिसका पानी के साथ में घोल बनाकर खेतों में इस्तेमाल किया जाता है। नैनो यूरिया के इस्तेमाल से फसलों में नाइट्रोजन के साथ साथ एसिड, वर्णक और एंजाइम की पूर्ति आसानी से हो जाती है।

नैनो यूरिया का राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली के तहत लगभग 11 हजार किसानो की 94 अलग अलग फसलों पर परीक्षण हुआ है और इसके साथ में भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (Indian Council of Agricultural Research) की तरफ से भी अपने 20 से अधिक संस्थानों में इसका लगभग 2 सालों तक परीक्षण किया गया था जो की सफल भी रहा। इन प्रयोगों के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने पाया की नैनो यूरिया के इस्तेमाल से किसानो को बहुत अधिक लाभ होता है और पर्यावरण के लिए भी ये बहुत फायदेमंद (Beneficial for the Environment) है।

नैनो यूरिया का उपयोग कब किया जाता है?

नैनो यूरिया को बनाने का उद्देस्य ही यही है की खेतों में कम मात्रा में ही फसलों को अधिक नाइट्रोजन की पूर्ति हो सके और नैनो यूरिया इसका एक सफल उदहारण है। नैनो यूरिया के इस्तेमाल (The use of nano urea) से पर्यावरण को ना बराबर नुकसान करता है और इसकी वजह से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन भी ना के बराबर होता है। नैनो यूरिया के इस्तेमाल के खेतों की मिट्टी में तो सुधर होता ही है साथ में फसल की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी होती है।

किसान भाई नैनो यूरिया का इस्तेमाल अपने खेतों में परपरागत यूरिया खाद की बोरी की जगह कर सकते है। नैनो यूरिया से किसानो को अधिक लाभ होता है (Farmers get more benefits from Nano Urea) और कई बोरी नार्मल यूरिया खाद के इस्तेमाल से जितना फायदा किसानो की फसलों को मिलता है उतना ही नैनो यूरिया की एक छोटी सी बोत्तल से मिल जाता है।

नैनो यूरिया का छोडकाव (spray Nano Urea) फसलों में दो बार करना उचित रहता है जिसमे से पहला छिड़काव फसल में कलियाँ अलग होकर टहनियों के निर्माण के समय और दूसरा छोडकाव इसके 25 से 30 दिन के अंतराल पर करना चाहिए। नैनो यूरिया एक लिक्विड उर्वरक (Nano urea is a liquid fertilizer) है इसलिए इसका इस्तेमाल आपको सिमित मात्रा में करना होगा है। 15 लीटर पानी में इसकी करीब 40ml के लगभग मात्रा का इस्तेमाल किया जाता है।

15 लीटर पानी में नैनो यूरिया कितना डालें?

नैनो यूरिया एक लिक्विड उर्वरक होने के कारण ये फसलों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। किसान को इसका बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करना होता है और उसकी से फसलों को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन की पूर्ति हो जाती है। इसलिए किसानो को छिड़काव करने के लिए 15 लीटर पानी में इसकी लगभग 40ml से लेकर 60ml मात्रा सही रहती है।

नैनो यूरिया का असर कितने दिन तक रहता है?

नैनो यूरिया का असर (The effect of Nano Urea) फसलों में काफी दिनों तक रहता है और ये एक उर्वरक होने के कारण फसलों को पर्याप्त मात्रा में पौषक तत्वों को प्रदान करता है। इसका इस्तेमाल फसल में दो बात करना जरुरी होता है जिसमे पहली बात फसल में टहनियों के निर्माण के दौरान करना चाहिए और दूसरा जब पौधों में फूलों के आने का समय होता है तब इसके घोल का छिड़काव करना सही रहता है।

नैनो यूरिया 1 एकड़ में कितना डालना चाहिए?

नैनो यूरिआ की थोड़ी सी मात्रा ही काफी रहती है और किसान भाइयों को अगर एक एकड़ में इसका छोडकाव करना है तो आपको बता दें की एक एकड़ में आपको लगभग 125 लीटर पानी के घुल की जरुरत होती है। इस घोल में आपको 250ml तक नैनो यूरिया का इस्तेमाल काना चाहिए। यानि की फसल में दो बार छिड़काव आप आसानी से एक बोत्तल में कर सकते है।

सबसे अच्छा यूरिया या नैनो यूरिया कौन सा है?

ये तो ठीक से नहीं कहा जा सकता क्योंकि ये किसानो के रिव्यु पर निर्भर करता है लेकिन फिर भी आपको बता दें की इफको की तरफ से ये दावा किया जाता है की नैनो यूरिया फसलों को बहुत अधिक पउधन देता है और वो भी बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करने पर। इफको के अनुसार उनका नैनो यूरिया बहुत ही बेहतरीन है और किसान की फसलों में पैदावार बढ़ाने का काम करता है।

हालांकि नैनो यूरिया का छिड़काव पौधों की पत्तियों पर करना ज्यादा अच्छा रहता है लेकिन आप मिट्टी में भी डाल सकते है क्योंकि मिट्टी में डालने से पौधों की जड़ों के लिए पुरे पौधक तत्व हासिल हो जाते है। नरेंद्र मोदी जी की तरफ से जुगरात में नैनो यूरिआ के उत्पादन का कारखाना भी

Share This Article
By Subham Morya Author
Follow:
मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।
Leave a comment