Asia Cup Final 2025: भारत-पाकिस्तान का महामुकाबला, दोनों टीमें तैयार, दुबई में आर या पार
41 साल बाद दोनों टीमें फाइनल में आमने-सामने। मैदान के बाहर विवाद और तनाव के बीच रविवार को होगा रोमांचक मुकाबला। सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत तैयार, तो बाबर आजम की टीम उलटफेर को बेताब।
दुबई. भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का फाइनल सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और रोमांचक जंग का मंच है. दोनों टीमें 41 साल बाद इस टूर्नामेंट के फाइनल में आमने-सामने हैं, और माहौल पहले से ही गर्म है. मैदान के बाहर के विवादों और तनाव ने इस मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है.
मैदान के बाहर का ड्रामा
पिछले कुछ हफ्तों में क्रिकेट से ज्यादा चर्चा मैदान के बाहर के घटनाक्रमों की हुई. भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जीत को सशस्त्र बलों और पहलगाम हमले के पीड़ितों को समर्पित किया, तो पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ की हरकतों ने विवाद खड़ा किया. पीसीबी ने मैच से हटने की धमकी दी, तो बीसीसीआई ने भी शिकायतें दर्ज कीं. एसीसी और पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के सोशल मीडिया पोस्ट ने आग में घी डालने का काम किया.
मैच रेफरी के खिलाफ शिकायतें, यूएई के खिलाफ मैच में देरी, और आईसीसी के फैसलों का सार्वजनिक न होना – इन सबने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया. लेकिन अब सबकी नजरें रविवार के फाइनल पर टिकी हैं, जहां क्रिकेट को इन विवादों से ऊपर उठकर चमकना होगा.
भारत की ताकत, पाकिस्तान की चुनौती
भारत इस फाइनल में प्रबल दावेदार माना जा रहा है. सुपर 4 में पाकिस्तान के खिलाफ कड़े मुकाबले के बाद भारतीय टीम और सतर्क है. कप्तान सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह को अपनी लय तलाशनी होगी, जबकि संजू सैमसन और अक्षर पटेल की रणनीति पर भी चर्चा हो रही है. हार्दिक पांड्या की फिटनेस चिंता का विषय थी, लेकिन गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी. “हार्दिक को ऐंठन थी, लेकिन उनकी रिकवरी चल रही है. हमें उम्मीद है कि वह फाइनल के लिए तैयार होंगे,” मोर्कल ने कहा.
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ शानदार जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई. उनकी चुनौती होगी भारत को 40 ओवरों तक दबाव में रखना और कोई मौका न देना. बाबर आजम की अगुवाई में टीम को अपनी लय बनाए रखनी होगी.
क्रिकेट के लिए एक मौका
पिछले कुछ हफ्तों में एशिया कप विवादों के कारण सुर्खियों में रहा. अब फाइनल में दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी तो फैंस को उम्मीद है कि क्रिकेट की जीत होगी. भारत-पाकिस्तान का यह मुकाबला सिर्फ खिताब के लिए नहीं, बल्कि खेल की भावना को जिंदा रखने के लिए भी है.
क्या भारत अपनी बादशाहत कायम रखेगा, या पाकिस्तान उलटफेर करेगा? रविवार को दुबई में यह सवाल जवाब ढूंढ लेगा.



