गुरुग्राम (बादशाहपुर): साइबर सिटी के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रहे गैस सिलेंडरों के काले कारोबार पर प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। खाद्य एवं पूर्ति विभाग की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बादशाहपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। इस कार्रवाई ने इलाके में सक्रिय गैस माफियाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है।
मंदिर के पास खड़ी गाड़ी से खुला राज
मामला 30 मार्च 2026 का है, जब खाद्य एवं पूर्ति विभाग के निरीक्षक इंद्र कुमार को सूचना मिली कि गांव गैरतपुर बास स्थित शिव मंदिर के पास गैस सिलेंडरों की अवैध खेप उतारी जा रही है। टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी तो वहां एक संदिग्ध गाड़ी खड़ी मिली।
जब वाहन की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। गाड़ी के भीतर इंडेन कंपनी के 14.2 किलोग्राम वाले कुल 64 खाली घरेलू सिलेंडर ठूस-ठूस कर भरे हुए थे।
दस्तावेज मांगने पर उड़े होश
मौके पर मौजूद आरोपी हरिदत्त (पुत्र विश्वम्बर) से जब टीम ने इन सिलेंडरों के परिवहन और भंडारण से जुड़े कानूनी कागजात मांगे तो वह बगले झांकने लगा। आरोपी के पास न तो कोई लाइसेंस था और न ही सिलेंडरों की सप्लाई का कोई वैध आधार।
जांच में साफ हो गया कि इन सिलेंडरों का इस्तेमाल अवैध रिफिलिंग या ऊंचे दामों पर कालाबाजारी के लिए किया जाना था।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी
विभाग की सूचना पर पहुंची बादशाहपुर थाना पुलिस ने तुरंत सभी 64 सिलेंडर और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और एलपीजी नियमन (आपूर्ति एवं वितरण) अधिनियम 2000 की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गहरा सकता है जांच का दायरा
प्रशासन अब इस बात की तहकीकात कर रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में घरेलू सिलेंडर आरोपी के पास पहुंचे कैसे?
पुलिस को अंदेशा है कि इस खेल में गैस एजेंसियों के कुछ करिंदे या कोई बड़ा गिरोह शामिल हो सकता है। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।