Haryana ESIC Hospital News: हरियाणा की अर्थव्यवस्था को अपने पसीने से सींचने वाले श्रमिकों के लिए प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा कवच तैयार कर लिया है। श्रम मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रमिकों की सेहत सरकार की टॉप प्रायोरिटी है।
अब मजदूरों को इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी क्योंकि हरियाणा के 34 अलग-अलग इलाकों में ईएसआईसी (ESIC) अस्पतालों और डिस्पेंसरियों का जाल बिछाया जा रहा है।
अधिकारियों को सख्त हिदायत: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
चंडीगढ़ में आयोजित एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में अनिल विज अपने पुराने तेवर में नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में देरी का बहाना अब नहीं चलेगा।
विज ने निर्देश दिए कि हर परियोजना की मंथली रिपोर्ट तैयार की जाए और वह खुद हर महीने इसकी प्रोग्रेस चेक करेंगे।
उन्होंने साफ किया कि सरकार का मकसद सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारतें खड़ी करना नहीं बल्कि उनमें आधुनिक मशीनें और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
बहादुरगढ़ और बावल में जल्द शुरू होंगे अस्पताल
बैठक में सामने आया कि कई बड़े प्रोजेक्ट्स अब अपने अंतिम चरण में हैं:
बहादुरगढ़: 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का 98% काम पूरा हो चुका है, जो जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा।
बावल: यहां बन रहे 150 बेड के अस्पताल का 90% काम निपट चुका है।
मानेसर: यहां 500 बिस्तरों का एक मेगा ईएसआई अस्पताल प्रस्तावित है, जो पूरे क्षेत्र के लिए लाइफलाइन बनेगा।
सोनीपत व पंचकूला: राई और बारही में डिस्पेंसरियों का काम 95% पूरा है, जबकि पंचकूला में डिस्पेंसरी शुरू भी की जा चुकी है।
गांव से शहर तक: औषधालयों का होगा विस्तार
श्रम मंत्री ने रोहतक, अंबाला, हिसार और करनाल जैसे जिलों में बन रहे अस्पतालों के साथ-साथ प्रदेश के औद्योगिक हब जैसे खरखौदा, सोहना, कुंडली, पानीपत और कैथल समेत दर्जनों कस्बों में डिस्पेंसरियों की भी समीक्षा की।
सरकार की योजना है कि श्रमिक जहां काम करता है, उसके चंद किलोमीटर के दायरे में ही उसे बेहतरीन इलाज मिल सके।
विपक्ष और बाधाओं पर सर्जिकल स्ट्राइक
विज ने अधिकारियों को उन प्रोजेक्ट्स की अलग से लिस्ट बनाने को कहा है जो किसी एनओसी या तकनीकी बाधा के कारण रुके हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के साथ मिलकर इन प्रोजेक्ट्स को फास्ट-ट्रैक पर लाया जाएगा।
बैठक में श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन और एचएसआईआईडीसी के एमडी सुशील सारवान समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।

