सरसों की फसल में जरूर करें दिसंबर में ये काम, पैदावार होगी बम्पर

Subham Morya
Subham Morya - Author
Do this work in mustard crop in December, the yield will be bumper.

नई दिल्ली: Farmers News Update – किसान भाइयों की सरसों की फसल अब काफी बड़ी हो चुकी है और अब देखरेख और कुछ जरुरी कामों को करने का समय है। यही समय होता है जब सरसों की अच्छे से देखरेख करके बम्पर पैसवार किसान भाई ले सकते है। इसमें में यहां इस आर्टिकल में देखिये सरसों की फसल में दिसंबर महीने में कुछ जरुरी करने योग्य कार्य जो आपकी पैसवार को एकदम से बूस्ट करने में मदद करेंगे।

पुरे देश में फिलहाल जो दौर चल रहा है वो रबी की फसल की बुवाई का अंतिम दौर है। तिलहल फसलों की बुवाई पहले ही हो चुकी है और ऐसे में सरसों, राइ, तोरिया और लहि की बुवाई करने वाले किसानो को कुछ बातों पर दिसंबर महीने में गौर करना जरुरी हो जाता है। आपको बता दें की देश के सभी किसान जो तिलहनी फसल की बुवाई कर चुके है उनके लिए ये सलाह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद आईसीएआर की तरफ से जारी की गई है। इसलिए आपको इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पढ़ना है।

लेट बुवाई वाली किस्मों का करें चुनाव

जिन किसानो ने अभी तक अपने खेतों में सरसों की फसल की बुवाई नहीं की है या फिर कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहाँ पर अभी सरसों की बुवाई होने वाली है तो उनको कुछ खास किस्म की सरसों की बुवाई करनी जरुरी हो जाती है ताकि आगे चलकर अच्छी पैदावार मिल सके। इसके लिए किसान भाई सरसों की कुछ खास किस्मों का चुनाव कर सकते है जिनके बारे में यहां निचे विवरण दिया गया है।

  • पूसा सरसों 25
  • पूसा सरसों 26
  • पूसा सरसों 28

किसान भाई देरी से अच्छी पैदावार देने वाली सरसों की इन किस्मों का चुनाव करके ही अपने खेतों में सरसों की बिजाई का काम पूरा करें। सरसों की ये किस्मे कम समय अवधी में पककर तैयार होती है और देरी से बुवाई के बाद में भी किसानो को उनकी सरसों की फसल से अच्छी पैदावार देने में मदद करती है।

पाला गिरने वाला है – ऐसे करें बचाव

कुछ जगहों पर सरसों की फसल अब काफी बड़ी हो चुकी है और मौसम भी तेजी के साथ में बदल रहा है। ऐसे में जायदा सर्दी होने के कारण सुबह के समय अब पाला गिरने के कारण सरसों की फसल ख़राब होने के चांस बढ़ जाते है। पाला सरसों की फसल के लिए बहुत ही ख़राब होता हैऔर इसका सीधा असर सरसों की पैदावार पर होता है।

इसलिए किसान भाइयों को अपनी सरसों की फसल को पाले से बचाव करने के लिए डाइमिथाइल सल्फो ऑक्साइड का 0.2 प्रतिशत या थायो यूरिया का 0.1 प्रतिशत का छिड़काव अपनी सरसों की फसल में करना चाहिए । इससे सरसों की फसल का पाले से बचाव किया जा सकता है। इसके साथ ही सभी किसानो को इस बात का भी ध्यान रखना है की जब भी आपको लगता है की पाला गिर रहा है तो अपनी सरसों की फसलों में हलकी सिंचाई करके भी अपनी फसल को पाले का प्रकोप से बचा सकते है।

सरसों की फसल में खरपतवार नियंत्रण करें

सरसों की फसल अब इस मोड़ पर आ चुकी होती है की दिसंबर में अगर उसमे खरपतवार पर पूरी तरफ से रोक लगा दी जाए तो किसानों की पैदावार बहुत अधिक मात्रा में बढ़ जाती है। इस समय किसान जो भी उर्वरक सरसों की फसल में देते है वो खरपतवार के कारण पौधों को नहीं मिल पाते है और इसके लिए इस पर रोक लगना बेहद जरुरी हो जाता है।

सरसों की फसल में खरपतवार की रोकथाम के लिए किसान भाई 20 से 25 दिनों के अंतराल पर पानी फसल में एक बार निराई गुड़ाई जरूर करें। इससे फसल में खोदी का काम भी पूरा होता है जिससे पौधों में बढ़वार के साथ साथ फुटाव भी अच्छा होता है। इसके साथ ही किसान भाई खरपतवार से नियंत्रण पाने के लिए अपनी सरसों की फसल में कीटनाशक दवा का भी प्रयोग कर सकते है।

सरसों की फसल में कीटनाशक दवा का प्रयोग करने से पहले किसान भाइयों को कृषि विषेशज्ञों से एक बार सलाह जरूर करनी चाहिए क्योंकि सरों में फुटाव होने के बाद में कीटनाशक दवा का प्रयोग बड़े ध्यान से करना होता है नहीं तो इसका सीधा असर पौधों की ग्रोथ पर पड़ता है और पैदावार भी घट सकती है।

सरसों की फसल में सिंचाई पर भी देना होगा ध्यान

सरसों की फसल में जहाँ पर सरसों अब काफी बड़ी हो चुकी है उन इलाकों में किसान भाई पहली सिंचाई का काम अब पूर्ण कर चुके हैं तो उनको अब दूसरी सिंचाई पर भी ध्यान देना होगा। सरसों की फसल में दूसरी सिंचाई का सही समय फसल की बुवाई के 80 से लेकर 90 दिन के बाद में होता है।

इसके बाद जो तीसरी सिंचाई सरसों की फसल में की जाती है वो इसके 30 दिन के अंतराल पर फिर से की जाती है। किसान भाइयों को इस बात का ध्यान रखना होता है की अगर सिंचाई समय पर नहीं हुए तो सरसों के पौधों में फुटाव सही से नहीं होता है। इसके साथ ही पौधे सिंगल एक टांसार के साथ में ही बड़े हो जाते है। जब फुटाव नहीं होगा तो पैदावार कम हो जाती है। इसलिए सही समय पर सिंचाई करना बहुत जरुरी हो जाता है।

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मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।
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