बावल औद्योगिक क्षेत्र में 132केवी सब स्टेशन का रास्ता साफ, तीन साल बाद जमीन मिली तो आगे बढ़ी परियोजना
बावल औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित 132केवी सब स्टेशन की राह में तीन साल से अटका जमीन हस्तांतरण का मामला सुलझ गया है। HSIIDC ने HVPN को जमीन का कब्जा सौंप दिया है, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
Haryana News: बावल औद्योगिक क्षेत्र में बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लंबे समय से प्रतीक्षित 132केवी सब स्टेशन परियोजना अब आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। करीब तीन साल से विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझी यह योजना अब जमीन हस्तांतरण की बाधा दूर होने के बाद अगले चरण में पहुंच गई है। हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) को परियोजना के लिए निर्धारित जमीन का कब्जा सौंप दिया है।
जमीन का पजेशन (Possession) मिलने के साथ ही अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि टेंडर आवंटन के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।
मंजूरी पहले मिली, जमीन बाद में
बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए इस 132केवी सब स्टेशन को वित्त वर्ष 2023-24 में मंजूरी दी गई थी। योजना के तहत सेक्टर-5 में करीब ढाई एकड़ भूमि भी आवंटित कर दी गई थी, लेकिन जमीन का कब्जा समय पर नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
बताया गया है कि कई बार पत्राचार और रिमाइंडर भेजने के बाद आखिरकार 25 मई को जमीन का कब्जा HVPN को सौंप दिया गया। इसके बाद अब परियोजना से जुड़ी प्रशासनिक अड़चनें लगभग समाप्त हो गई हैं।
आधुनिक GIS तकनीक पर बनेगा सब स्टेशन
करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह सब स्टेशन आधुनिक GIS (Gas Insulated Switchgear) तकनीक पर आधारित होगा। इस तकनीक की विशेषता यह है कि कम जगह में अधिक क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति प्रणाली को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सकता है।
इसके जरिए भविष्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
600 उद्योगों को मिल सकती है राहत
बावल औद्योगिक क्षेत्र हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है, जहां लगभग 600 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। उद्योगों को अक्सर पीक ऑवर (Peak Hour) के दौरान लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
नया 132केवी सब स्टेशन शुरू होने के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इससे उत्पादन गतिविधियों पर सकारात्मक असर पड़ सकता है और औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के लिए माहौल भी मजबूत हो सकता है।
जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
HVPN के कार्यकारी अभियंता संजय यादव के अनुसार, जमीन का पजेशन मिल चुका है और अब टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। टेंडर आवंटन के बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके।
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