2030 तक BRICS देशों को भारत का निर्यात 200 अरब डॉलर पार कर सकता है, उद्योग जगत का अनुमान

BRICS देशों के साथ भारत का व्यापार लगातार बढ़ रहा है। नए उद्योग अनुमानों के मुताबिक 2030 तक भारत का निर्यात 200 अरब डॉलर से अधिक पहुंच सकता है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, कृषि और इंजीनियरिंग सेक्टर बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

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Written By News Desk
19 Jun 2026, 7:07 PM IST

BRICS India Exports: भारत आने वाले वर्षों में BRICS देशों के बीच अपनी व्यापारिक मौजूदगी को काफी मजबूत कर सकता है। नए उद्योग अनुमानों के अनुसार, यदि मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो वर्ष 2030 तक BRICS सदस्य देशों को भारत का निर्यात (Exports) 200 अरब डॉलर से अधिक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा भारत और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों की ओर संकेत करता है।

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वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का BRICS देशों को निर्यात करीब 96 अरब डॉलर रहा। अनुमान है कि अगले कुछ वर्षों में यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक स्तर तक पहुंच सकता है। इसके पीछे विनिर्माण (Manufacturing), प्रौद्योगिकी (Technology) और कृषि (Agriculture) क्षेत्रों में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को प्रमुख वजह माना जा रहा है।

BRICS की बढ़ती आर्थिक ताकत

BRICS आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली आर्थिक समूहों में गिना जाता है। समूह का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में करीब 40 प्रतिशत योगदान बताया जाता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय व्यापार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 26 प्रतिशत है और दुनिया की करीब आधी आबादी BRICS देशों में रहती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि समूह का बढ़ता आर्थिक दायरा सदस्य देशों के लिए व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग के नए अवसर तैयार कर रहा है। इसी माहौल का फायदा भारत को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

किन क्षेत्रों से मिलेगी सबसे ज्यादा बढ़त

विश्लेषकों के अनुसार आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रसायन (Chemicals), दवा उद्योग (Pharmaceuticals), वस्त्र (Textiles), ऑटोमोबाइल उत्पाद और अन्य उच्च मूल्य वाले विनिर्मित सामान भारत के निर्यात को गति दे सकते हैं।

इसके अलावा कृषि उत्पाद, खाद्य सामग्री और समुद्री उत्पादों (Marine Exports) की मांग भी BRICS देशों में बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारतीय कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों को नए बाजार मिलने की संभावना बन सकती है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत हो रही भारत की भूमिका

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की बढ़ती उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और बड़ा कुशल कार्यबल (Skilled Workforce) उसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में अधिक मजबूत बना रहा है।

इसी वजह से भारत BRICS अर्थव्यवस्थाओं के साथ गहरे व्यापारिक संबंध विकसित करने की स्थिति में दिखाई दे रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक BRICS देशों के कुल आयात में भारत की हिस्सेदारी लगभग 4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

417 अरब डॉलर तक पहुंचा कुल व्यापार

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और BRICS देशों के बीच कुल व्यापार करीब 417 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति में BRICS समूह का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

उद्योग जगत का मानना है कि यदि वर्तमान व्यापारिक रुझान जारी रहते हैं तो आने वाले वर्षों में BRICS बाजार भारत के लिए निर्यात वृद्धि का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।

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