Haryana News: फसल मुआवजा पास कराने के नाम पर रिश्वत ले रहा पटवारी गिरफ्तार, ACB की ट्रैप कार्रवाई सफल
Haryana News: भिवानी में SV & ACB ने पटवारी हर्ष को फसल मुआवजा मंजूर कराने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और BNS की धाराओं में केस दर्ज कर जांच जारी है। जानिए क्या है पूरा मामला
Haryana News: हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) नीति के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भिवानी में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पटवारी बना रहा था दवाब
जानकारी के अनुसार आरोपी पटवारी हर्ष पर आरोप है कि उसने फसल मुआवजा राशि की मंजूरी दिलाने के नाम पर एक किसान परिवार से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन (Trap Operation) चलाया।
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया कि वर्ष 2022 के फसल नुकसान का लगभग 35 हजार रुपये मुआवजा पहले ही उसके पिता के खाते में जमा हो चुका था। इसके बावजूद पटवारी लगातार उस पर दबाव बना रहा था।
आरोप है कि उसने वर्ष 2023 में जारी मुआवजा और वर्ष 2025 की संभावित मुआवजा राशि को मंजूरी दिलाने के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके से पकड़ा
ब्यूरो की टीम ने शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत जब शिकायतकर्ता ने आरोपी को रकम दी, तो SV&ACB की टीम ने उसे 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। जांच के दौरान रिश्वत की राशि भी आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली गई।
इस मामले में थाना SV&ACB हिसार में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita-BNS) की धारा 308(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
किसानों से जुड़े मामलों में बढ़ी सतर्कता
विशेषज्ञों का मानना है कि फसल मुआवजा किसानों के लिए राहत का महत्वपूर्ण साधन होता है। ऐसे मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें किसानों के भरोसे को प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि हाल के वर्षों में मुआवजा वितरण और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में निगरानी बढ़ाई गई है।
हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार हो रही ट्रैप कार्रवाइयों को सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने की स्थिति में नागरिक सीधे SV & ACB से शिकायत कर सकते हैं।
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