Haryana Police Meeting: एक्शन मोड में DGP अजय सिंघल, जून में होगा एटीएस (ATS) का गठन, नीट परीक्षा और नशा तस्करों पर कड़ा एक्शन प्लान
Haryana DGP Ajay Singhal Meeting: हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर हाई-लेवल बैठक की। जून में एटीएस गठन और नीट परीक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
Haryana DGP Ajay Singhal Meeting: हरियाणा में कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस महकमे ने एक बहुत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सूबे के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इसी जून महीने के भीतर प्रदेश में 'एंटी-टेररिज्म स्क्वाड' (ATS) का गठन कर दिया जाएगा।
यह विशेष विंग राज्य में आतंकवाद विरोधी अभियानों और हाई-प्रोफाइल संगठित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह समर्पित होगी।
डीजीपी ने सभी जिला प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी स्थानीय कानून-व्यवस्था कंपनियों के प्रशिक्षण को और अधिक धारदार बनाएं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
यह महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसला राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया जिसकी अध्यक्षता स्वयं डीजीपी अजय सिंघल ने की।
इस मैराथन बैठक में सभी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP), पुलिस महानिरीक्षक (IG), पुलिस आयुक्त (CP) और जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) सहित महकमे के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG), नशामुक्त हरियाणा अभियान और राज्य की आंतरिक सुरक्षा को चाक-चौबंद करना था।
मुख्यमंत्री खुद रख रहे नीट परीक्षा पर नजर, पेपर लीक करने वालों को सीधी चेतावनी
आगामी 21 जून को होने वाली नीट-यूजी परीक्षा की शुचिता बनाए रखना इस समय प्रशासनिक अमले के लिए सबसे बड़ी परीक्षा है।
डीजीपी ने साफ किया कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना सरकार की टॉप प्रायोरिटी में शामिल है।
खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस पूरी प्रक्रिया और सुरक्षा तैयारियों की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
परीक्षा को लेकर पुलिस कप्तानों को कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल सौंपे गए हैं:
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समय पूर्व निरीक्षण: सभी चिन्हित परीक्षा केंद्रों का समय रहते भौतिक सत्यापन और सुरक्षा ऑडिट पूरा किया जाए।
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खुफिया तंत्र सक्रिय: परीक्षा के दौरान सक्रिय रहने वाले किसी भी संभावित नकल या पेपर लीक गिरोह को दबोचने के लिए लोकल इंटेलिजेंस और खुफिया विंग को पूरी तरह एक्टिव मोड पर रखा गया है।
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जीरो टॉलरेंस: डीजीपी ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि पेपर लीक या परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर होने वाली गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सीधे रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई होगी।
नशा तस्करों की संपत्ति होगी कुर्क, रडार पर आए मेडिकल स्टोर
सुरक्षा के साथ-साथ युवाओं को दलदल से निकालने के लिए नशामुक्त हरियाणा अभियान को भी एक नए आक्रामक स्तर पर ले जाने की रणनीति तैयार की गई है।
हरियाणा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख और एडीजीपी संजय कुमार ने बैठक में स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारें इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए बेहद गंभीर हैं। इसके तहत अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी नहीं होगी, बल्कि वित्तीय चोट पहुंचाते हुए उनकी अवैध संपत्तियों को भी बड़े पैमाने पर कुर्क (जब्त) किया जाएगा।
नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक चेकिंग अभियान शुरू किया जा रहा है। पुलिस अब संदिग्ध ठिकानों और बॉर्डर एरिया में नार्को डॉग्स (स्निफर डॉग्स) का प्रभावी इस्तेमाल करेगी, साथ ही रिहायशी इलाकों के मेडिकल स्टोरों की नियमित और औचक जांच की जाएगी।
इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों (SHOs) को अनिवार्य रूप से अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एडीजीपी संजय कुमार द्वारा साझा किए गए तकनीकी आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच वर्षों के दौरान पुलिस ने व्यावसायिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) के मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त 3,062 बड़े अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया है।
पुलिस प्रमुख ने साफ किया कि वर्तमान में राज्य की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है लेकिन खाकी को हमेशा 24 घंटे अलर्ट और रिस्पॉन्सिव रहना होगा।
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