LIVE TV
NAVIGATION MENU
Home » कृषि - किसान» मेरा पानी मेरी विरासत योजना: हरियाणा में धान की जगह दूसरी फसलें बोने पर मिलेंगे ₹8000, जानें रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख
कृषि - किसान

मेरा पानी मेरी विरासत योजना: हरियाणा में धान की जगह दूसरी फसलें बोने पर मिलेंगे ₹8000, जानें रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख

Last Updated on May 27, 2026 • 5:59 PM

Haryana News: हरियाणा के किसान भाइयों के लिए राज्य सरकार की तरफ से एक बहुत ही फायदेमंद और खेती-किसानी को नई दिशा देने वाली खबर आई है।

प्रदेश में गिरते भूजल स्तर को सुधारने और पानी की बचत को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ योजना का लाभ अब सूबे के सभी जिलों के किसान उठा सकेंगे।

Read This: करनाल में बड़ी कार्रवाई: 34 करोड़ की सरकारी बिल्डिंग में भ्रष्टाचार, सीएम नायब सैनी ने 2 XEN किए सस्पेंड

सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए साफ किया है कि जो भी किसान पारंपरिक रूप से ज्यादा पानी सोखने वाली धान की खेती को छोड़ेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से आर्थिक मदद दी जाएगी।

यह फैसला केवल खेती में बदलाव लाने के लिए नहीं है, बल्कि उन किसानों के कंधों का बोझ कम करने की एक कोशिश है जो पानी की किल्लत और लगातार बढ़ते खर्च से परेशान हैं।

सरकार ने इस बार उन किसानों का भी ख्याल रखा है जो अपनी जमीन को कुछ समय के लिए खाली छोड़ देते हैं।

Read This: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: हरियाणा के बुजुर्गों को मुफ्त में होंगे सोमनाथ मंदिर के दर्शन, 8 जून को चलेगी स्पेशल ट्रेन

धान छोड़ें और पाएं बंपर अनुदान

सरकार की इस नई नीति के तहत अगर कोई किसान धान की पारंपरिक खेती को छोड़कर कम पानी लागत वाली वैकल्पिक फसलों का रुख करता है, तो उसे 8,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से भारी-भरकम अनुदान दिया जाएगा। इस योजना में शामिल की गई मुख्य फसलें इस प्रकार हैं:

इसके अलावा, सरकार ने एक बेहद संवेदनशील फैसला लेते हुए कहा है कि जिन किसानों ने पर्यावरण और पानी बचाने की खातिर अपने खेतों में धान नहीं लगाया और खेत को पूरी तरह खाली छोड़ दिया है, उन्हें भी इस योजना के तहत बराबर का लाभ दिया जाएगा।

दलहन-तिलहन पर एक्स्ट्रा बोनस और सीधी बिजाई पर मदद

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने इसमें कुछ और भी बड़े फायदे जोड़े हैं।

अगर कोई किसान धान की जगह दलहन (दालें), तिलहन (तेल वाली फसलें) और कपास की खेती चुनता है, तो उसे निर्धारित अनुदान के अलावा 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ, जो किसान धान उगाना ही चाहते हैं, उनके लिए ‘धान की सीधी बिजाई’ (DSR) योजना को महेंद्रगढ़ जिले को छोड़कर राज्य के बाकी सभी जिलों में लागू कर दिया गया है।

इस आधुनिक तकनीक से धान लगाने वाले किसानों को कृषि विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने के बाद 4,500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।

15 जून तक रजिस्ट्रेशन, पारंपरिक रोपाई पर अभी रोक

इस पूरी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी तारीखें और नियम भी तय कर दिए हैं।

योजना का फायदा केवल उन्हीं किसान भाइयों को मिलेगा जो सरकार के आधिकारिक ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराएंगे।

इसके लिए पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मई से शुरू की जा चुकी है।

सभी इच्छुक किसानों को 15 जून तक अपना रजिस्ट्रेशन हर हाल में पूरा करना होगा। इसके साथ ही, भूजल को बेतहाशा दोहन से बचाने के लिए सरकार ने एक कड़ा कदम उठाते हुए 15 जून तक धान की पारंपरिक रोपाई (कददूं करके धान लगाना) पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

हरियाणा सरकार की यह पहल आने वाले समय में न सिर्फ पानी की बूंद-बूंद बचाएगी, बल्कि वैकल्पिक फसलों के जरिए किसानों की तकदीर बदलने का भी काम करेगी।

ABOUT THE AUTHOR

सच के साथ रहना और इसको लगातार निभाना इतना मुश्किल भी नहीं होता। हरियाणा से हूँ और हरियाणा की माटी से जुडी हर खबर पर नजर रखती हूँ। पत्रकारिता के साथ पिछले 8 सालों से एक अटूट रिश्ता बना हुआ है। आपके लिए हरियाणा की हर छोटी बड़ी खबर सटीकता के साथ लेकर आती हूँ ताकि आप सब ख़बरों से अपडेटेड रह सके। ...Read More

RECOMMENDED FOR YOU