Haryana News: हरियाणा के झज्जर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। रविवार को दुजाना गांव में एक बुजुर्ग किसान की दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 65 वर्षीय विजय (पुत्र रतन सिंह) के रूप में हुई है।
यह खूनी खेल उस समय खेला गया जब विजय अपने खेत का काम निपटाकर साइकिल से वापस अपने घर की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और विजय ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में डरे और गुस्से से लाल ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए।
चीख-पुकार के बीच हर कोई इस बात से हैरान है कि बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का जरा भी खौफ नहीं रह गया है।
पहले बेटे को खोया, अब पिता की भी ले ली जान
इस दर्दनाक हत्याकांड के पीछे जो कहानी निकलकर सामने आ रही है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
मृतक विजय बिजली विभाग से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारी थे और बुढ़ापे में अपना दिल बहलाने व परिवार पालने के लिए खेती-बाड़ी का काम करते थे।
जमीन के एक टुकड़े ने इस हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद करके रख दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, इस परिवार का लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था।
दुखद बात यह है कि करीब पांच साल पहले विजय के छोटे बेटे अनिल की भी इसी तरह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त भी इस कत्लेआम की वजह जमीनी रंजिश ही बनी थी।
जेल से छूटे आरोपी ने फिर रची मौत की साजिश?
पीड़ित परिवार का आरोप है कि बिरधाना गांव के रहने वाले संजय नाम के व्यक्ति के साथ उनकी जमीन को लेकर पुरानी दुश्मनी चल रही है।
छोटे बेटे अनिल की हत्या में भी संजय का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था। कहानी में खौफनाक मोड़ तब आता है जब पता चलता है कि:
जमानत पर आया था बाहर: आरोपी संजय कुछ महीने पहले ही अदालत से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आया था।
पत्नी की भी कर चुका है हत्या: जेल से आने के बाद होली के दिन शाम को संजय ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी और तब से वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था।
सुरक्षा में है बड़ा बेटा: रंजिश के इस खौफनाक माहौल को देखते हुए विजय के बड़े बेटे सुनील को पुलिस सुरक्षा दी गई है।
दिलचस्प और दुखद बात यह रही कि घटना के वक्त सुनील अपने सरकारी सुरक्षाकर्मी के साथ खेत में ही मौजूद था।
पिता विजय यह सोचकर साइकिल से अकेले घर के लिए निकल पड़े कि उन बुजुर्ग पर कोई हमला क्यों करेगा। लेकिन दुश्मनों को इसी ढील का इंतजार था और उन्होंने अकेले पाकर विजय को मौत की नींद सुला दिया।
कातिलों को दबोचने के लिए पुलिस की 8 टीमें तैनात
वारदात की खबर आग की तरह फैली तो पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी और फोरेंसिक (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने घटनास्थल की घेराबंदी कर वहां से गोलियों के खोखे और अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है।
इस पूरे मामले पर एसीपी क्राइम शमशेर दहिया ने बताया कि शुरुआती जांच और हालात को देखते हुए हत्या की मुख्य वजह साफ तौर पर जमीनी विवाद ही नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उसी के आधार पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस ने फरार कातिलों को पाताल से भी ढूंढ निकालने के लिए अलग-अलग 8 स्पेशल टीमों का गठन किया है, जो संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।


