Haryana: रबी सीजन के दौरान किसानों को खाद की बिक्री के साथ किसी भी अन्य उत्पाद को जबरन बेचने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही किसानों को 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
उप कृषि निदेशक कार्यालय में शनिवार को आयोजित अधिकारियों और थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक में यह निर्देश दिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप कृषि निदेशक डॉ. जगीर सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि कोई खाद विक्रेता किसानों पर उर्वरक के साथ अन्य कृषि उत्पाद खरीदने का दबाव बनाता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ 'उर्वरक नियंत्रण आदेश' के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' के अनुसार ही मिलेगा उर्वरक
कृषि विभाग ने सभी डीलरों को निर्देश दिए हैं कि रबी फसलों के लिए खाद का वितरण 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के सत्यापन के आधार पर ही सुनिश्चित किया जाए। इससे वास्तविक किसानों को जरूरत के अनुसार पारदर्शी तरीके से उर्वरक मिल सकेगा और कालाबाजारी या अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
जिले में खाद की कमी नहीं रहने का दावा
उप कृषि निदेशक ने बताया कि रबी फसलों की बुआई के मद्देनजर जिले में उर्वरक की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को सीजन के दौरान खाद की कमी नहीं आने दी जाएगी।
इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से निरंतर संपर्क बनाए रखें और सीजन के दौरान आने वाली किसी भी समस्या का समय रहते समाधान कराएं, ताकि बुआई और कृषि कार्यों में कोई बाधा न आए।
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