रेवाड़ी: दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर शुक्रवार सुबह एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला। आसलवास में बीटी कंपनी के पास एक अनियंत्रित कैंटर ने ऐसी तबाही मचाई कि देखने वालों की रूह कांप गई। कैंटर डिवाइडर की लोहे की ग्रिल को उखाड़ते हुए दूसरी तरफ (रॉन्ग साइड) जा पहुंचा और सामने से आ रहे एक भारी-भरकम ट्रॉले से जा टकराया। हादसा यहीं नहीं रुका, ट्रॉले के ठीक पीछे चल रही एक कार भी इस टक्कर की चपेट में आकर दोनों वाहनों के बीच फंस गई।
नींद की झपकी या रफ्तार का जुनून?
कसौला थाना पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। आशंका जताई जा रही है कि कैंटर चालक को या तो नींद की झपकी आई थी या फिर मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण उसने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। हादसे में कैंटर चालक गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे स्थानीय लोगों ने मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं, ट्रॉला चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया है।
घंटों बाधित रहा ट्रैफिक, क्रेन से हटाए गए वाहन
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि हाईवे पर वाहनों के परखच्चे उड़ गए और तीनों गाड़ियां सड़क के बीचों-बीच फंस गईं। इससे दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई और वाहनों का कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कसौला थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्रेन मंगवाई और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया।
पुलिस की कार्रवाई
जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल घायल कैंटर चालक के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है ताकि बयान दर्ज किए जा सकें। फरार ट्रॉला चालक की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। हाईवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

