ओमान तट पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीयों की मौत: राहुल गांधी का 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' वाला तंज और विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
Oman Coast US Strike Indian Sailors: ओमान तट के पास अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। राहुल गांधी ने पीएम मोदी को 'कॉम्प्रोमाइज्ड' कहा, जबकि विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया।
Oman Coast US Strike Indian Sailors: ओमान के तटवर्ती समुद्री इलाके में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत ने देश के भीतर एक बड़े राजनीतिक और कूटनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। पिछले चार दिनों के भीतर भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाजों पर लगातार तीन हमले हो चुके हैं जिसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और उनकी चुप्पी पर तीखा हमला बोला है।
'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' वाले बयान से सियासी हलचल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश की सुरक्षा नीति को कठघरे में खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री' करार दिया है। विपक्षी नेता ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि महज तीन दिनों के भीतर समंदर में तीन जहाजों को निशाना बनाया गया जिसमें हमारे नागरिकों की जान चली गई लेकिन सरकार के शीर्ष स्तर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
विपक्षी खेमे का तर्क है कि जब भी कोई विदेशी ताकत भारत के नागरिकों को नुकसान पहुंचाती है तो देश के मुखिया की तरफ से स्पष्ट और कड़ा संदेश जाना चाहिए। इस मामले में प्रधानमंत्री की चुप्पी को विपक्ष सरकार की कमजोरी के रूप में पेश कर रहा है।
जी-7 सम्मेलन और कूटनीतिक रिश्तों पर सवाल
आगामी सप्ताह में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर भी राहुल गांधी ने सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय नाविकों की दुखद मौत के कुछ ही दिनों बाद होने जा रही इस अंतरराष्ट्रीय बैठक में प्रधानमंत्री विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मुस्कुराकर गले मिलेंगे जबकि अपनी जान गंवाने वाले बेटों के लिए उनके पास कोई शब्द नहीं हैं।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व में उन ताकतों के सामने मजबूती से खड़े होने का साहस नजर नहीं आ रहा है, जो भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं। इस बयान ने जी-7 बैठक से ठीक पहले सरकार पर कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है।
विदेश मंत्रालय की सख्त कार्रवाई: अमेरिकी राजदूत तलब
राजनीतिक बयानबाजी के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। नई दिल्ली ने भारत में तैनात अमेरिका के कार्यकारी राजदूत जैशने मीक्स को साउथ ब्लॉक स्थित मुख्यालय में तलब कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
अमेरिकी राजदूत करीब 45 मिनट तक विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष मौजूद रहे, जहां भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कड़े तेवर दिखाए। इस बीच गुरुवार को 20 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौजूदगी वाले एक और जहाज पर तीसरा हमला होने की पुष्टि हुई है, जिससे समुद्री व्यापारिक मार्गों पर तनाव चरम पर पहुंच गया है।
विदेश मंत्रालय द्वारा अमेरिकी राजदूत को तलब करना यह दर्शाता है कि भारत कूटनीतिक मोर्चे पर पीछे नहीं हट रहा है। हालांकि विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल भी अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं क्योंकि महाशक्ति बनने की दिशा में अग्रसर भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा की अनदेखी नहीं कर सकता।
जी-7 सम्मेलन में भारत को इस मुद्दे को एक मजबूत रणनीतिक साझेदार के तौर पर उठाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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