Suvendu Adhikari ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन दोनों को लेकर कई बड़े ऐलान किए। कल्याणी में हुई प्रशासनिक समन्वय बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि राज्य में पकड़े जाने वाले घुसपैठियों को पुलिस सीधे BSF के हवाले करेगी और उसके बाद उन्हें देश से बाहर भेजने की कार्रवाई होगी।
नदिया और उत्तर 24 परगना जिलों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य, राशन, महिलाओं की सुविधा और सरकारी योजनाओं तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बंगाल की सीमावर्ती राजनीति में घुसपैठ का मुद्दा पहले से बेहद संवेदनशील रहा है और अब इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर नई सख्ती का संकेत दिया गया है।
“मुख्यमंत्री के बोलो” का नाम बदलेगा
बैठक में एक और बड़ा फैसला सामने आया। राज्य सरकार का शिकायत मंच “मुख्यमंत्री के बोलो” अब अगले सप्ताह से “आपनार सरकार के बोलुन” नाम से जाना जाएगा। इसके साथ हेल्पलाइन नंबर भी बदला जाएगा।
सरकार इसे प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत करने की कोशिश बता रही है। बंगाल में लंबे समय से यह प्लेटफॉर्म आम लोगों की शिकायतों और स्थानीय समस्याओं को उठाने का बड़ा माध्यम रहा है।
स्कूल-कॉलेजों के पास शराब की दुकान नहीं
बैठक में सामाजिक मुद्दों पर भी फोकस दिखा। घोषणा की गई कि अब स्कूलों और कॉलेजों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों को अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे इलाकों में नए लाइसेंस भी जारी नहीं होंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा संस्थानों के आसपास का माहौल बेहतर रखना जरूरी है। कई इलाकों से लगातार शिकायतें आने के बाद यह फैसला लिया गया बताया जा रहा है।
आयुष्मान भारत को लेकर दिल्ली में समझौता
Ayushman Bharat योजना को लेकर भी अहम जानकारी दी गई। अधीकारी ने कहा कि 8 जून को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ समझौता किया जाएगा ताकि पश्चिम बंगाल में इस योजना को लागू किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की स्वास्थ्य साथी योजना को आयुष्मान भारत से जोड़ा जाएगा। लंबे समय से बंगाल में इस योजना को लेकर राजनीतिक बहस चल रही थी और अब इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ते दिख रहे हैं।
अन्नपूर्णा योजना सिर्फ भारतीयों के लिए
बैठक में अन्नपूर्णा योजना का भी जिक्र हुआ। अधीकारी ने कहा कि इस योजना का फॉर्म बुधवार शाम राज्य सचिवालय से जारी किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि योजना का लाभ केवल भारतीय नागरिकों को मिलेगा।
साथ ही लक्ष्मी भंडार योजना को अन्नपूर्णा योजना में बदलने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। आने वाले दिनों में इसे लेकर और स्पष्टता सामने आ सकती है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर जोर
अधीकारी ने कहा कि सरकार जिला स्तर पर लगातार प्रशासनिक समन्वय बैठकें करेगी ताकि विधायक, सांसद और प्रशासन एक साथ काम कर सकें। उन्होंने कहा कि यह “गुड गवर्नेंस” की नई व्यवस्था है।
दिलचस्प बात यह रही कि इन बैठकों में विपक्षी नेताओं को भी बुलाया जा रहा है। कल्याणी की बैठक में कई विपक्षी विधायक और एक तृणमूल सांसद भी शामिल हुए। अधीकारी ने कहा कि सभी दलों के सुझाव लिए जाएंगे क्योंकि विकास और प्रशासन किसी एक पार्टी का विषय नहीं है।
आने वाले दिनों में मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम और हावड़ा जिलों में भी ऐसी बैठकें होंगी।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और 5 रुपये का “माछ-भात”
सरकार ने आम लोगों से जुड़े कुछ लोकल फैसलों की भी घोषणा की। राज्य के करीब 400 “मां कैंटीन” में सप्ताह में दो दिन सिर्फ 5 रुपये में “माछ-भात” यानी मछली-चावल का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की भी घोषणा की गई। बंगाल की राजनीति में महिलाओं और गरीब तबके को केंद्र में रखकर फैसले लेने की परंपरा रही है और यह फैसला उसी दिशा में देखा जा रहा है।
केंद्र के कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा बंगाल
बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार अब केंद्र सरकार के राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करेगी। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
साथ ही अगले कुछ हफ्तों में कई केंद्रीय मंत्रियों के बंगाल दौरे की जानकारी भी दी गई। इसमें शहरी विकास, बिजली, जहाजरानी और रेलवे मंत्रालय से जुड़े मंत्री शामिल हैं।
