धोखेबाजों के पीछे मत भागो... दिल्ली से संजय राउत ने दी ममता बनर्जी को बड़ी सलाह, शिवसेना की बगावत का दिया उदाहरण
दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने ममता बनर्जी को बड़ी सलाह दी है। राउत ने शिवसेना की टूट का हवाला देते हुए कहा कि जो बेईमान हैं उन्हें भूलकर आगे बढ़ें। जानिए बैठक में पीएम चेहरे पर क्या चर्चा हुई।
INDIA Alliance Meeting Updates: दिल्ली के सियासी गलियारों में इंडिया गठबंधन की हलचल के बीच एक बड़ा बयान सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी में मची अंदरूनी कलह पर खुलकर बात की है।
राउत ने ममता बनर्जी को अपने अंदाज में हौसला देते हुए साफ कहा कि धोखेबाजों के पीछे भागने से बेहतर है कि नई शुरुआत की जाए।
संजय राउत ने शिवसेना में हुई ऐतिहासिक बगावत का जिक्र करते हुए टीएमसी और अपनी पार्टी की स्थिति की तुलना की। उन्होंने कहा कि दोनों की टूट में जमीन-आसमान का फर्क है।
"जब हमारी शिवसेना टूटी, तो हम डरे नहीं। हमारे पास से सिंबल चला गया, पार्टी का नाम चला गया, लेकिन हमने हथियार नहीं डाले। हम बेखौफ होकर लड़े और लोकसभा चुनाव में जीत कर दिखाया। जो जाना चाहते हैं, उन्हें जाने दीजिए। हम उनके पीछे नहीं भागते।" — संजय राउत, सांसद (शिवसेना UBT)
ममता बनर्जी को सीधा संदेश देते हुए राउत ने कहा कि दीदी आपने जिन लोगों को सब कुछ दिया, अगर वही आज बेईमानी कर रहे हैं तो उन्हें भूल जाने में ही भलाई है। आपके भीतर अकेले दम पर पार्टी को फिर से खड़ा करने और लड़ने का माद्दा है। आप आगे बढ़िए, पूरा देश आपके साथ खड़ा है।
इंडिया गठबंधन की मीटिंग: उद्धव ठाकरे ने रखीं 3 बड़ी शर्तें
मुंबई और दिल्ली में मीडिया से मुखातिब होते हुए संजय राउत ने इंडिया गठबंधन की ताजा बैठक की इनसाइड स्टोरी भी शेयर की। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में हुई इस बैठक में करीब 23 दलों के नेता शामिल हुए। हेमंत सोरेन और उद्धव ठाकरे इस बैठक में वर्चुअली जुड़े।
राउत के मुताबिक, उद्धव ठाकरे ने बैठक में दो-टूक शब्दों में तीन बेहद अहम सुझाव रखे हैं:
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प्रधानमंत्री का चेहरा: अगर बीजेपी को हराना है और देश में सत्ता परिवर्तन करना है, तो गठबंधन को जनता के सामने पीएम पद का चेहरा पेश करना ही होगा।
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को-ऑर्डिनेटर की नियुक्ति: गठबंधन के काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक मुख्य को-ऑर्डिनेटर तुरंत नियुक्त किया जाए।
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लगातार मुलाकातें: साल में सिर्फ एक बार मिलने से काम नहीं चलेगा। गठबंधन के नेताओं को बार-बार बैठना होगा।
TVK और तमिलनाडु की सियासत पर बड़ा बयान
तमिलनाडु की राजनीति में हो रहे बड़े उलटफेर और टीवीके (TVK) से जुड़े सवाल पर भी संजय राउत ने अपनी राय रखी। उन्होंने माना कि तमिलनाडु में फिलहाल कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन टूट चुका है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि डीएमके इंडिया गठबंधन से अलग हो गई है।
राउत ने उम्मीद जताई कि राजनीति में संभावनाएं कभी खत्म नहीं होतीं और वे डीएमके से गठबंधन में बने रहने की अपील करेंगे।
आपको बता दें कि विपक्ष की अगली बड़ी और निर्णायक बैठक अब हैदराबाद में होने जा रही है जहां आगे की रणनीति पर मुहर लगेगी।