Haryana News: हरियाणा के हांसी क्षेत्र के चैनत गांव में भाखड़ा पाइपलाइन पर लगाए गए टी कनेक्शन को हटाने के दौरान सोमवार देर रात बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन ने रात करीब 1:30 बजे जेसीबी और हाइड्रा मशीन की सहायता से पाइपलाइन से जुड़ा टी प्वाइंट हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच आमना-सामना हो गया।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने किया बल प्रयोग
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को सक्रिय किया गया। ग्रामीणों की भीड़ आगे बढ़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया।
इस दौरान बास थाना में तैनात एएसआई प्रीतम सिंह के सिर में चोट लग गई। उन्हें उपचार के लिए हांसी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
महिलाओं के घायल होने का भी आरोप
सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई में कुछ महिलाओं को भी चोटें आई हैं। हालांकि उनकी ओर से किसी घायल महिला का नाम या विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए हांसी सहित आसपास के इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर रहे मौजूद
कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें डीसी डॉ. राहुल नरवाल, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, एसडीएम राजेश खोथ, डीएसपी रविंद्र सांगवान, डीएसपी देवेंद्र नैन, डीएसपी विनोद शंकर सहित शहर और सदर थाना प्रभारी शामिल रहे।
प्रशासन ने मशीनों की मदद से पाइपलाइन से जोड़ा गया टी कनेक्शन उखाड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में रख लिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया।
अवैध कनेक्शन को लेकर दर्ज हुआ मामला
कार्रवाई के अगले दिन पब्लिक हेल्थ विभाग ने भी कानूनी कदम उठाए। विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने सदर थाना में शिकायत देकर आरोप लगाया कि सरकारी पाइपलाइन में बिना अनुमति टी कनेक्शन लगाया गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ी खींचतान
यह मामला केवल एक पाइपलाइन कनेक्शन तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच भरोसे तथा संसाधनों के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच और प्रशासनिक फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।






