हरियाणा कांग्रेस को मिला नया प्रभारी, संजय दत्त संभालेंगे संगठन की कमान

Haryana News: हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस (Congress) ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC – All India Congress Committee) ने वरिष्ठ नेता संजय दत्त को हरियाणा कांग्रेस का नया प्रभारी (In-Charge) नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

इसी आदेश के साथ अब तक हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी रहे बीके हरिप्रसाद को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। नए आदेश के बाद अब हरियाणा में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी संजय दत्त के पास होगी।

अन्य राज्यों के लिए भी घोषित हुई नई नियुक्तियां

AICC द्वारा जारी संगठनात्मक आदेश में केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी नए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। आदेश के अनुसार लालजी देसाई को ओडिशा कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है, जबकि राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का AICC प्रभारी नियुक्त किया गया है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, संजय दत्त को मिली बड़ी जिम्मेदारी
हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव, संजय दत्त को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कौन हैं संजय दत्त?

संजय दत्त का राजनीतिक सफर महाराष्ट्र से शुरू हुआ। उन्होंने छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI – National Students’ Union of India) के जिला अध्यक्ष के रूप में सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस सेवादल (Seva Dal) में संगठन सचिव सहित कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं और आगे चलकर ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में सचिव पद तक पहुंचे।

वे पहले AICC के राष्ट्रीय सचिव भी रह चुके हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी सचिव के रूप में संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद उन्हें हिमाचल प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया, जहां विधानसभा चुनावों से पहले संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई।

हरियाणा संगठन पर रहेगी नई जिम्मेदारी

संजय दत्त की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब हरियाणा कांग्रेस संगठनात्मक स्तर पर खुद को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। नए प्रभारी के रूप में उनकी जिम्मेदारी पार्टी के संगठन (Organization) को सक्रिय बनाना, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करना और प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देना होगी।

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