Sirsa VLDA Death Case: हरियाणा के सिरसा जिले के माधोसिंघाना स्थित सरकारी पशु अस्पताल में तैनात 28 वर्षीय वेटरनरी लाइव स्टॉक डेवलपमेंट असिस्टेंट (VLDA) अशोक कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पशुपालन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में उनका शव फंदे से लटका मिला था।
गांव कैरांवाली निवासी अशोक कुमार वर्ष 2022 से अस्पताल में कार्यरत थे। परिजनों का कहना है कि वह पिछले तीन दिनों से लगातार ड्यूटी में व्यस्त थे और घर भी नहीं आए थे। इसी दौरान वह विभागीय बैठक में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ भी गए थे और लौटने के बाद अस्पताल परिसर में ही रुके हुए थे।
खाना पहुंचाने पहुंचे युवक के सामने आया मामला
मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात अशोक ने गांव के एक युवक से खाना मंगवाया था। जब युवक अस्पताल पहुंचा तो मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से अंदर प्रवेश किया गया, जहां अशोक का शव फंदे से लटका मिला।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
सामने आए वीडियो ने बढ़ाए संदेह
मामले में नया मोड़ तब आया जब घटनास्थल का एक वीडियो सामने आया। परिजनों का दावा है कि वीडियो में अशोक के हाथ चारपाई पर रखे दिखाई दे रहे हैं और उनके घुटने जमीन को छू रहे थे। इसी आधार पर परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि फंदे पर लटकने के दौरान शरीर के वजन के कारण पंखे की पंखुड़ियां मुड़ गई थीं। जांच एजेंसी अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों का विश्लेषण कर रही है।
काम के दबाव और मानसिक तनाव का आरोप
मृतक के भाई रवि ने आरोप लगाया कि अशोक पर अत्यधिक कार्यभार था। उनके अनुसार करीब 4500 पशुओं के टीकाकरण (Vaccination) की जिम्मेदारी अशोक अकेले संभाल रहे थे। लगातार बढ़ते काम और तबादले की लंबित मांग के कारण वह मानसिक दबाव में थे।
हमारे स्थानीय संवाददाता के अनुसार परिजनों का कहना है कि अशोक पिछले कुछ समय से विभागीय दबाव को लेकर चिंतित रहते थे और कई बार अपनी परेशानी भी जाहिर कर चुके थे।
पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर लगाए आरोप
परिजनों ने अपनी शिकायत में विभाग के पांच कर्मचारियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दो VLDA, एक VS, एक SDO और एक DD स्तर के अधिकारी का उल्लेख किया गया है।
परिवार का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार तथा कथित मानसिक प्रताड़ना (Mental Harassment) ने अशोक को परेशान किया। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।
पुलिस ने दर्ज किया केस
सदर थाना प्रभारी सीमा सोढ़ी ने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर जांच की जा रही है।”
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।






