शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

Muzaffarnagar News: 36 ग्राम पंचायतों में शुरू हुआ मृदा नमूना अभियान, किसानों को मिलेगा सॉयल हेल्थ कार्ड

Written by: Vinod Yadav

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मुज़फ्फरनगर में कृषि विभाग ने 36 ग्राम पंचायतों में मृदा नमूना संग्रह अभियान शुरू किया है। वैज्ञानिक जांच के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा जिससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग और बेहतर उत्पादन संभव होगा।


Muzaffarnagar News: 36 ग्राम पंचायतों में शुरू हुआ मृदा नमूना अभियान, किसानों को मिलेगा सॉयल हेल्थ कार्ड
Muzaffarnagar News: 36 ग्राम पंचायतों में शुरू हुआ मृदा नमूना अभियान, किसानों को मिलेगा सॉयल हेल्थ कार्ड
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Muzaffarnagar News: मुज़फ्फरनगर में किसानों की खेती को अधिक लाभकारी बनाने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए कृषि विभाग ने शुक्रवार को विशेष अभियान शुरू किया। नेशनल प्रोजेक्ट ऑन सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी (Soil Health and Fertility) कार्यक्रम के तहत जिले की चयनित 36 ग्राम पंचायतों में खेतों से मृदा नमूनों का संग्रह किया गया।

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अभियान का उद्देश्य किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक स्थिति की जानकारी देना है, ताकि वे आवश्यकता के अनुसार खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल कर सकें। विभाग का मानना है कि वैज्ञानिक आधार पर खेती करने से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

सलारपुर में खेत से लिया गया नमूना

अभियान के दौरान उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार सिरोही विकासखंड जानसठ की ग्राम पंचायत सलारपुर पहुंचे। यहां उन्होंने किसान वली मोहम्मद के खेत से स्वयं मिट्टी का नमूना एकत्रित कराने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया।

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इस मौके पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य परीक्षण (Soil Testing) के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बताया गया कि मिट्टी की जांच के बिना उर्वरकों का उपयोग कई बार खेती की लागत बढ़ा देता है और मिट्टी की सेहत पर भी असर डाल सकता है।

संतुलित उर्वरक उपयोग पर दिया जोर

उप कृषि निदेशक ने किसानों से अपील की कि वे मृदा जांच के बाद मिलने वाले मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) की संस्तुतियों के अनुसार ही खाद और उर्वरकों का प्रयोग करें। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलेगी और फसलों की उत्पादन क्षमता भी बेहतर हो सकेगी।

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उन्होंने कहा कि सही मात्रा में कृषि निवेश (Agricultural Inputs) का उपयोग करने से अनावश्यक खर्च कम होता है और खेती अधिक टिकाऊ बनती है।

जांच के बाद किसानों को मिलेगा मृदा स्वास्थ्य कार्ड

कृषि विभाग के अनुसार अभियान के दौरान एकत्रित किए गए सभी नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा।

इस कार्ड में भूमि की स्थिति और आवश्यक पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारी होगी, जिससे किसान अपनी जमीन की जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का चयन कर सकेंगे। विभाग को उम्मीद है कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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Vinod Yadav
About the Author Vinod Yadav

नमस्कार! मेरा नाम विनोद यादव है और मैंने कृषि और टेक्सटाइल विषय के साथ में बी-टेक किया है। मौजूदा समय में एक जर्मनी बेस्ड टेक्सटिल कंपनी में प्रोडक्शन हेड के तौर पर कार्य कर रहा हूँ और साथ में कृषि के कार्यों को देखता हूँ। किसान परिवार में पैदा होने के चलते कृषि से शुरू से ही एक अलग प्रकार का जुड़ाव रहा है। रोजाना यहां हरियाणा से जुड़ी और हरियाणा प्रदेश के किसानों से जुड़ी ख़बरों को अपडेट करता हूँ। View all posts by Vinod Yadav →

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