गुरुवार, 10 सितंबर 2026

दीदी अब धृतराष्ट्र बन चुकी हैं… ममता बनर्जी पर बरसीं 4 बार की सांसद शताब्दी राय, चुनाव हारने के बाद TMC में मचे महा-विद्रोह की Inside Story

Written by: Vinod Yadav

Published:

MP Satabdi Roy Turns Rebel: पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद टीएमसी का संकट गहरा गया है। 2009 से ममता बनर्जी की साथी और 4 बार की सांसद शताब्दी राय ने बगावत करते हुए ममता की तुलना 'धृतराष्ट्र' से की है। उन्होंने कहा कि बागी गुट जल्द ही एनडीए (NDA) को समर्थन दे सकता है।


दीदी अब धृतराष्ट्र बन चुकी हैं... ममता बनर्जी पर बरसीं 4 बार की सांसद शताब्दी राय, चुनाव हारने के बाद TMC में मचे महा-विद्रोह की Inside Story
दीदी अब धृतराष्ट्र बन चुकी हैं... ममता बनर्जी पर बरसीं 4 बार की सांसद शताब्दी राय, चुनाव हारने के बाद TMC में मचे महा-विद्रोह की Inside Story

MP Satabdi Roy Turns Rebel: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ताश के पत्तों की तरह बिखरती नजर आ रही है। पार्टी के 20 से ज्यादा सांसदों और दर्जनों विधायकों की बगावत के बीच अब ममता बनर्जी को उनके सबसे भरोसेमंद रहे साथियों से ही तीखे तीर झेलने पड़ रहे हैं।

साल 2009 से हर सुख-दुख में ममता का साथ देने वाली अभिनेत्री से राजनेता बनीं और 4 बार की सांसद शताब्दी राय ने अब अपनी ही दीदी के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।

न्यूज 18 को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में शताब्दी राय ने ममता बनर्जी की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से कर दी। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं द्वारा लगातार उठाई जा रही गंभीर चिंताओं पर अपनी आंखें पूरी तरह मूंद ली थीं।

शताब्दी ने भावुक होते हुए कहा: मैं 2009 से तब से टीएमसी के साथ हूं जब पार्टी सत्ता में भी नहीं थी। लेकिन अब दीदी पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्हें अब पार्टी से कोई प्यार नहीं रहा।

4 मई की रात का वो कड़वा सच

शताब्दी राय ने उस घटना का भी खुलासा किया जिसने उन्हें बगावत के रास्ते पर धकेल दिया। उन्होंने बताया कि 4 मई को जैसे ही विधानसभा चुनाव के शर्मनाक नतीजे आए वे सभी सांसद आगे की रणनीति तय करने ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचे थे। लेकिन ममता बनर्जी उस करारी हार के जनादेश को स्वीकार करने के लिए तैयार ही नहीं थीं। नेताओं की शिकायतों को सुनने से साफ इनकार कर दिया गया।

शताब्दी के मुताबिक पहले ममता दीदी तक हर कार्यकर्ता की पहुंच हुआ करती थी लेकिन पिछले कुछ समय से उन्हें कुछ चुनिंदा लोगों ने अपने घेरे में ले लिया था। जब पार्टी में सांसदों और विधायकों की आवाज ही दबा दी गई तो बगावत के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

टीएमसी में पॉलिटिकल शिफ्ट: अब सीधे NDA को समर्थन?

पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव पहले ही इस्तीफा दे चुकी हैं और शताब्दी राय का दावा है कि आने वाले दिनों में यह भगदड़ और तेज होगी। कई और सांसद बहुत जल्द टीएमसी को अलविदा कहने वाले हैं क्योंकि खराब चुनावी प्रदर्शन पर समीक्षा करने का मौका तक नहीं दिया गया।

इस पूरी बगावत की सबसे बड़ी और अहम राजनीतिक इनसाइड स्टोरी यह है कि लोकसभा में काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में बने टीएमसी के बागी गुट ने अब शताब्दी राय को अपना उप नेता नियुक्त कर दिया है।

शताब्दी राय ने साफ कर दिया है कि वे संसद में इस बागी समूह को एक औपचारिक और अलग गुट के रूप में मान्यता दिलाने की कानूनी कोशिशों में जुटी हैं। जैसे ही लोकसभा स्पीकर से इस बागी धड़े को हरी झंडी मिल जाती है यह पूरा गुट केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार को अपना समर्थन जारी रखेगा। इस बड़े सियासी घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

Follow Us :
Vinod Yadav
लेखक के बारे में Vinod Yadav

नमस्कार! मेरा नाम विनोद यादव है और मैंने कृषि और टेक्सटाइल विषय के साथ में बी-टेक किया है। मौजूदा समय में एक जर्मनी बेस्ड टेक्सटिल कंपनी में प्रोडक्शन हेड के तौर पर कार्य कर रहा हूँ और साथ में कृषि के कार्यों को देखता हूँ। किसान परिवार में पैदा होने के चलते कृषि से शुरू से ही एक अलग प्रकार का जुड़ाव रहा है। रोजाना यहां हरियाणा से जुड़ी और हरियाणा प्रदेश के किसानों से जुड़ी ख़बरों को अपडेट करता हूँ। View all posts by Vinod Yadav →

संबंधित खबरें