Haryana News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में कथित तौर पर जारी की गई लैब रिपोर्टों को लेकर नया मोड़ सामने आया है। हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि जिन रिपोर्टों के आधार पर वीडियो को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे थे, उनकी विश्वसनीयता संदेह के घेरे में है। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी किसी मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक प्रयोगशाला से जुड़े नहीं हैं। साथ ही जिन लैब के नाम पर रिपोर्ट जारी किए जाने का दावा किया गया था, उनकी वैधता और अस्तित्व को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
फॉरेंसिक विशेषज्ञ की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
यह मामला सिरसा निवासी एक फॉरेंसिक विशेषज्ञ की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कथित लैब रिपोर्ट तैयार करने के लिए उससे 10 लाख रुपये की मांग की गई थी।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब उसने इस प्रक्रिया में शामिल होने से इनकार किया तो उसे कथित तौर पर दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच में कई अहम तथ्य सामने आने का दावा
गुरुग्राम के एसीपी नवीन शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जांच के दौरान जिन प्रयोगशालाओं के नाम सामने आए, वे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची में शामिल नहीं पाई गईं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रिपोर्ट तैयार करने और प्रसारित करने की प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की सत्यता, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी बढ़ी चर्चा
मामले के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस घटनाक्रम को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही जा रही है।
हरियाणा पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।






