Punjab News: बठिंडा की शराब फैक्ट्री में लगी भीषण आग, काले धुएं से घिरे गांव

Punjab News: पंजाब के बठिंडा स्थित बीसीएल शराब फैक्ट्री में लगी भीषण आग के बाद पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया। आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने सांस संबंधी दिक्कतों के बीच एयर क्वालिटी जांच और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग उठाई है।

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Written By News Desk
19 Jun 2026, 1:50 PM IST

Punjab News: पंजाब के बठिंडा जिले में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मसाना स्थित बीसीएल शराब फैक्ट्री (Liquor Factory) से अचानक घना काला धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में लोगों को पता चला कि फैक्ट्री परिसर में भीषण आग (Massive Fire) लग गई है। आग की लपटों से ज्यादा चिंता उस धुएं ने पैदा की, जो आसपास के गांवों तक फैल गया और लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया।

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स्थानीय लोगों के अनुसार दोपहर के समय आसमान में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई देने लगा। देखते ही देखते धुआं आसपास के कई इलाकों तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई, जबकि अस्थमा (Asthma) के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। आग को फैलने से रोकने के लिए तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि आग की घटना में किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

हालांकि आग बुझने के बाद भी इलाके के लोगों की चिंता खत्म नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकले धुएं का असर वातावरण (Environment) और स्वास्थ्य (Health) पर पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से इलाके की एयर क्वालिटी (Air Quality) की तत्काल जांच करवाने और जरूरत पड़ने पर मेडिकल कैंप लगाने की मांग की है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित विभागों ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, विद्युत प्रणाली या अन्य औद्योगिक कारणों को लेकर भी जांच की जा रही है, लेकिन फिलहाल किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाओं के बाद केवल आग बुझाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की पर्यावरणीय स्थिति और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव का आकलन भी जरूरी होता है। यही कारण है कि स्थानीय लोग अब आग के कारणों के साथ-साथ इसके स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर भी जवाब चाहते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा (Industrial Safety) और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि आग कैसे लगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

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