MT Jalveer US Attack Oman: अमेरिका ने कबूला भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर मिसाइल हमला, हफ्ते में तीसरी घटना से भारत में रोष
MT Jalveer US Attack Oman: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ओमान के पास भारतीय क्रू वाले जहाज 'MT जलवीर' पर दो हेलफायर मिसाइलें दागने की बात कबूल कर ली है।
MT Jalveer US Attack Oman: पश्चिम एशिया में भड़की जंग के बीच समुद्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर MT जलवीर पर हुए हमले के पीछे किसी आतंकी संगठन का नहीं बल्कि महाशक्ति अमेरिका का हाथ था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने खुद आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसके एक लड़ाकू विमान ने इस व्यापारिक जहाज को निशाना बनाते हुए इसके इंजन रूम पर दो घातक हेलफायर (Hellfire) मिसाइलें दागी थीं।
गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले इस जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर्स सवार थे जिनमें से अब तक केवल 5 को ही सुरक्षित बचाया जा सका है। बाकी चालक दल के सदस्यों की तलाश और राहत कार्य जारी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में अमेरिकी सेना ने इस हिंसक कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश की है। CENTCOM का दावा है कि यह जहाज खाड़ी-ए-ओमान के रास्ते ईरान से तेल ले जाने का प्रयास कर रहा था और अमेरिकी नौसेना के निर्देशों की बार-बार अनदेखी करने के बाद उस पर यह दंडात्मक कार्रवाई की गई।
सात दिनों में तीसरा हमला, निशाने पर भारतीय नाविक?
खाड़ी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर की जा रही यह अमेरिकी कार्रवाई अब एक खतरनाक पैटर्न का रूप ले चुकी है। पिछले सात दिनों के भीतर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर अमेरिकी सेना द्वारा किया गया यह तीसरा बड़ा हमला है जिसने वैश्विक समुद्री व्यापार में लगे भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस खूनी हफ्ते के दौरान हुए अन्य हमलों के आंकड़े और स्थिति इस प्रकार है:
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MT मारिवेक्स (सोमवार): 24 भारतीय नाविकों से सजे इस जहाज पर अमेरिकी हमले के बाद भीषण आग लग गई थी, जिससे क्रू मेंबर्स की जान आफत में पड़ गई।
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सेटेबेलो (बुधवार): ओमान तट के पास हुए इस हमले में 3 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कड़ी मशक्कत के बाद 21 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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MT जलवीर (ताजा हमला): 20 क्रू मेंबर्स वाले इस जहाज के इंजन रूम को मिसाइल से उड़ाया गया, जिसमें केवल 5 लोगों को बचाए जाने की पुष्टि हुई है।
ईरान नाकेबंदी की आड़ में बेकसूरों पर वार, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति
अमेरिका द्वारा अपनी ईरान नाकेबंदी नीति को जबरन लागू करने के इस हिंसक ढर्रे का सीधा खामियाजा उन बेकसूर भारतीय नाविकों को भुगतना पड़ रहा है जो केवल वैश्विक माल ढुलाई के अपने पेशेवर दायित्वों को पूरा कर रहे हैं।
एक तरफ जहां अमेरिकी वायुसेना ईरान के भीतर जमीनी ठिकानों पर बमबारी कर रही है वहीं दूसरी तरफ खुले समंदर में बिना किसी पुख्ता सुरक्षा प्रोटोकॉल के कमर्शियल जहाजों पर मिसाइलें दागना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
इन सिलसिलेवार हमलों के बाद भारत सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अपनी गंभीर चिंताओं से अवगत कराया है।
नई दिल्ली की ओर से वाशिंगटन को स्पष्ट और दोटूक संदेश भेजते हुए कहा गया है कि वैश्विक नियमों की आड़ में बेकसूर भारतीय नाविकों की जान जोखिम में डालने वाले ये हमले हर हाल में तुरंत बंद होने चाहिए। तनाव के इस माहौल में अब खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा की रणनीतिक समीक्षा की मांग भी उठने लगी है।
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