जैविक या फिर पारंपरिक खेती: आखिर क्या है दोनों में अंतर और फायदे

Subham Morya
Subham Morya - Author
Organic or traditional farming What is the difference and benefits between the two

नई दिल्ली: Agriculture News – भारत में खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दो ऐसे बड़े मुद्दों है, जिसको लेकर किसानों के बीच संशय बना रहता है। जैविक और परंपरागत खेती के बीच का चुनाव करना इस समय एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। इन दोनों ही तकनीकों के कुछ फायदे और नुकसान हैं, इसलिए यह आपको निर्णय करना है, कि कौन सा तरीका आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

जैविक खेती (Organic Farming)

परंपरागत तरीका

रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बिना आप पारंपरिक तरीके से जैविक खेती कर सकते हैं और अपनी फसल उगा सकते हैं।

प्रमुख सिद्धांत

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, जैव विविधता को बनाए रखना, और प्राकृतिक चक्रों के साथ काम करना यह कुछ ऐसे सिद्धांत है, जिसे आपको जैविक खेती करते समय ध्यान में रखना है।

जैविक खेती के लाभ

जैविक खेती करने से हमें स्वस्थ भोजन मिलता है, इस खेती द्वारा की गई फल और सब्जियां काफी अच्छी होती है और उसका इस्तेमाल करने से हमें कोई बीमारी नहीं होती है।

पर्यावरण के अनुकूल

मिट्टी के स्वास्थ्य, जल संरक्षण और जैव विविधता में सुधार।

पोषण मूल्य

अध्ययनों से पता चलता है कि जैविक उत्पादों में पोषक तत्वों की मात्रा अधिक हो सकती है।

जैविक खेती करने के नुकसान

कम उपज

शुरुआती वर्षों में परंपरागत खेती की तुलना में कम उपज मिल सकती है, कई बार आपको दो-तीन सालों तक इंतजार भी करना पड़ सकता है।

अधिक मेहनत

रासायनिक नियंत्रण के बिना कीटों और बीमारियों का प्रबंधन अधिक मुश्किल हो सकता है और इसके लिए आपको अधिक मेहनत करने की आवश्यकता पड़ेगी।

अधिक लागत

जैविक खाद और बीज अधिक महंगे हो सकते हैं इसलिए आपकी लागत अधिक लग सकती है।

परंपरागत खेती (Conventional Farming)

आधुनिक तरीका

रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग से अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं।

प्रमुख सिद्धांत: अधिकतम उत्पादन के लिए आपको कुछ बाहरी चीजों की आवश्यकता पड़ सकती है।

परंपरागत खेती के लाभ

जैविक और परंपरागत खेती के बीच चनाव करना विभिन्न चीजों के ऊपर निर्भर करता है, जैसे कि किसानो की प्राथमिकताएं, बाजार की मांग, भूमि का आकार और उचित संसाधन प्राप्त करना होगा। वैसे किसानों को इन दोनों तकनीकों के लाभों और हानियों को समझना चाहिए और आपको परिस्थितियों के अनुसार किसी तरीके का चुनाव करना चाहिए।

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मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।
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