बुधवार, 9 सितंबर 2026

8th Pay Commission: चेन्नई में कर्मचारियों-पेंशनर्स से मिला पैनल, अब पुडुचेरी और चंडीगढ़ की बारी

Written by: Saloni Yadav

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8वें वेतन आयोग की टीम ने चेन्नई में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से मुलाकात की। फिटमेंट फैक्टर, वार्षिक इंक्रीमेंट और पुरानी पेंशन योजना पर उठी मांगें, अब चंडीगढ़ में हरियाणा के कर्मचारियों की बारी।


चेन्नई में कर्मचारियों-पेंशनर्स से मिला पैनल, अब पुडुचेरी और चंडीगढ़ की बारी
चेन्नई में कर्मचारियों-पेंशनर्स से मिला पैनल, अब पुडुचेरी और चंडीगढ़ की बारी

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की धड़कनें तेज हैं, और अब आयोग की टीम खुद उनके बीच पहुंच रही है। चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को आयोग के सदस्यों ने दक्षिण भारत की कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के साथ लंबी बैठक की। इस दौरान वेतन, पेंशन और भत्तों को लेकर कई अहम मांगें सामने रखी गईं। अब अगला पड़ाव पुडुचेरी है, जहां 9 सितंबर को केंद्र शासित प्रदेश की संस्थाओं के साथ बातचीत होनी है।

चेन्नई में क्या-क्या मांगें उठीं

चेन्नई बैठक में कर्मचारी संगठनों ने सबसे ज्यादा जोर फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने पर दिया। मौजूदा 7वें वेतन आयोग में यह आंकड़ा 2.57 पर तय था, और अब यूनियनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में इससे ऊंचा फिटमेंट फैक्टर तय किया जाए ताकि बेसिक सैलरी में असरदार बढ़ोतरी हो सके। हालांकि आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा घोषित नहीं किया गया है, बाजार में 2.15 से लेकर 2.28 और 2.57 तक के अलग-अलग अनुमान चर्चा में हैं। अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा।

इसके अलावा सालाना इंक्रीमेंट को लेकर भी बड़ी मांग रखी गई। फिलहाल कर्मचारियों को हर साल 3 फीसदी इंक्रीमेंट मिलता है, जिसे संगठनों ने बढ़ाकर 5 से 7 फीसदी के बीच करने की मांग की है। दलील यह है कि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के हिसाब से मौजूदा इंक्रीमेंट काफी नहीं है।

पेंशनर्स संगठनों ने एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना यानी OPS बहाल करने की मांग दोहराई। साथ ही पे लेवल 4 से 7 में सेवा दे चुके कर्मचारियों के लिए पेंशन बढ़ाने की बात कही गई। एक संगठन ने तो लेवल 7 से रिटायर होने वालों के लिए न्यूनतम बेसिक पेंशन 58 हजार रुपये तय करने तक की मांग रख दी। गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में लेवल 7 का बेसिक वेतन 44,900 से 1,42,400 रुपये के दायरे में आता है।

अब हरियाणा-पंजाब के कर्मचारियों की बारी

viratbharat.com के पाठकों के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि आयोग की अगली बड़ी बैठक 16 से 18 सितंबर तक चंडीगढ़ में होनी है, जहां हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की कर्मचारी व पेंशनर्स संस्थाएं अपनी बात रखेंगी। यानी हरियाणा के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के पास भी सीधे आयोग तक अपनी मांगें पहुंचाने का मौका होगा। इसके बाद 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में कर्नाटक क्षेत्र की बैठक प्रस्तावित है, जिसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख 18 सितंबर रखी गई है।

गौर करने वाली बात यह है कि इन बैठकों में हर कोई शामिल नहीं हो सकता। सिर्फ वही कर्मचारी महासंघ, पेंशनर्स एसोसिएशन, रेलवे और रक्षा क्षेत्र की मान्यता प्राप्त संस्थाएं हिस्सा ले पा रही हैं, जिन्होंने पहले से तय समयसीमा के भीतर पंजीकरण कराया था।

कब आएगी रिपोर्ट, जानें पूरा शेड्यूल

8वां वेतन आयोग औपचारिक रूप से 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई इसकी अध्यक्षता कर रही हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर सौंपनी हैं, यानी रिपोर्ट मई से जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है। हालांकि यह समयसीमा अभी अस्थायी मानी जा रही है और आगे बदल भी सकती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 मार्च 2026 तक देश में करीब 35.77 लाख केंद्रीय सिविल कर्मचारी और 31 दिसंबर 2025 तक (रक्षा पेंशनर्स को छोड़कर) करीब 33.76 लाख पेंशनर्स व फैमिली पेंशनर्स थे। यानी आयोग की सिफारिशों का सीधा असर लाखों परिवारों की जेब पर पड़ने वाला है।

आगे क्या होगा

फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, इंक्रीमेंट और पेंशन को लेकर कोई भी आंकड़ा अंतिम नहीं है। आयोग पहले देशभर से अलग-अलग संगठनों के सुझाव और मांगें इकट्ठा कर रहा है, उसके बाद ही सिफारिशें तैयार होंगी और सरकार के सामने पेश होंगी। कर्मचारियों और पेंशनर्स को अभी असली राहत के लिए 2027 तक इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन चंडीगढ़ बैठक के बाद हरियाणा से जुड़ी मांगों और उम्मीदों की तस्वीर और साफ हो जाएगी।

(यह खबर उपलब्ध जानकारी और आधिकारिक शेड्यूल पर आधारित है। अंतिम फैसला केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद ही माना जाएगा।)

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Saloni Yadav
लेखक के बारे में Saloni Yadav

सलोनी यादव हरियाणा की एक अनुभवी पत्रकार और लेखिका है जिन्होंने पिछले 5 सालों में कई अलग अलग मीडिया हाउस में लेखन कार्य को बखूबी निभाया है। वैसे रहने वाली कानपुर उत्तरप्रदेश की है लेकिन कई सालों से हरियाणा में रहती है इसलिए हरियाणा की हर छोटी बड़ी खबर पर इनकी काफी अच्छी पकड़ है। सलोनी हरियाणा की राजनीती, क्राइम और क्षेत्रीय ख़बरों को कवर करती है। View all posts by Saloni Yadav →

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