भारत में बढ़ते जल संकट और डेटा सेंटरों की पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच Amazon ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि उसके भारतीय संचालन अब ‘वॉटर पॉजिटिव’ (Water Positive) हो गए हैं, यानी वह अपने विभिन्न संचालन में जितना पानी उपयोग करती है उससे अधिक पानी समुदायों को वापस लौटा रही है।
कंपनी के अनुसार यह लक्ष्य तय समय से एक साल पहले हासिल कर लिया गया है। Amazon ने बताया कि उसने अपने डेटा सेंटर, कॉर्पोरेट कार्यालयों और वेयरहाउस में पानी की खपत कम करने के साथ-साथ जलग्रहण क्षेत्र (Watershed) पुनर्स्थापन और कुशल सिंचाई (Efficient Irrigation) जैसी परियोजनाओं के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।
डेटा सेंटरों पर बढ़ रहा पर्यावरणीय दबाव
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं के विस्तार के साथ बड़े डेटा सेंटरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में Amazon, Microsoft और Google जैसी तकनीकी कंपनियों पर पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर निवेशकों और सामाजिक संगठनों का दबाव बढ़ा है।
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इन कंपनियों के डेटा सेंटरों में ऊर्जा और जल संसाधनों की खपत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी वजह से जल संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर कंपनियां नए लक्ष्य तय कर रही हैं।
2030 तक वैश्विक लक्ष्य, भारत में पहले ही सफलता
Amazon ने पहले से ही 2030 तक अपने वैश्विक डेटा सेंटर संचालन को ‘वॉटर पॉजिटिव’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया हुआ है। कंपनी का कहना है कि भारत में संचालित उसके डेटा सेंटरों में शीतलन (Cooling) के लिए पानी का उपयोग नहीं किया जाता।
भारत में यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि देश दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर है जबकि उसके पास वैश्विक ताजे जल संसाधनों (Freshwater Resources) का केवल 4% हिस्सा है।
जल संकट के बीच आई घोषणा
देश के कई हिस्सों में गर्मियों के दौरान पानी की कमी और आपूर्ति पर दबाव आम बात है। इस वर्ष स्थिति और गंभीर बताई जा रही है क्योंकि मजबूत एल नीनो (El Nino) प्रभाव के चलते मानसून की बारिश कमजोर रही है।
कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्य जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी जल भंडारण को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।
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भारत में निवेश बढ़ा रहा Amazon
जल संरक्षण की इस उपलब्धि के साथ Amazon भारत में अपने कारोबार का विस्तार भी कर रहा है। कंपनी ने 2030 तक भारत में AI क्षमताओं और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 35 अरब डॉलर से अधिक निवेश की योजना बनाई है।
वहीं Amazon Web Services (AWS) महाराष्ट्र में लगभग 8.2 अरब डॉलर के निवेश की योजना पर काम कर रही है। पिछले एक वर्ष में Microsoft और Google ने भी भारत में बड़े डेटा सेंटर निवेशों की घोषणा की है जिससे देश वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
