मोती की खेती से लाखों में कमाई, देखिये एक मोती कितने में बिकता है

Subham Morya
Subham Morya - Author
How To Do Pearl Farming

How To Do Pearl Farming – किसान भाइयों के लिए मोती की खेती (Pearl Farming) करना बहुत ही फायदे का सौदा हो रहा है। इससे किसान भाई सालाना लाखों में कमाई कर रहे है। आजकल परपरागत खेती से किसान भाइयों को ज्यादा बचत नहीं होती है और कभी आंधी तूफ़ान तो कभी अधिक बारिश या फिर सूखे की चपेट में आने से फसल बर्बाद हो जाती है। इसलिए मोती की खेती आप सबके लिए एक बेहतरीन कमाई का जरिया बन सकता है।

भारत में ही नहीं दुनियाभर में किसान अब मोती की खेती (Pearl Farming) करने लगे है और इसका सबसे बड़ा फायदा ये होता है की इसको आप छोटी सी जगह से ही शुरू कर सकते हो। देखिये इस आर्टिकल में मोती की खेती (Moti Ki Kheti) को लेकर हम सपूर्ण जानकरी दे रहे है जिससे आपको मोती की खेती के बारे में शुरूआती जानकारी मिल जाएगी।

सबसे पहले तो आपको ये बता दें की मोती की खेती (Moti Ki Kheti) से प्राप्त मोतियों की मार्किट में बहुत अधिक डिमांड है और एक मोती की कीमत काफी अधिक होती है। मोती की खेती की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर और नवम्बर का महीना होता है जिसमे मोती को बनाने वाली शीप बहुत अच्छे से ग्रो करती है।

किसान भाई शुरुआत में मोती की खेती (Pearl Farming) के लिए 400 से 500 सीपियों के द्वारा भी अपना मोती की खेती का बिज़नेस शुरू कर सकते है और इसमें किसानों को लगभग 25 से 30 हजार रूपए तक का खर्चा आएगा। लेकिन आपको बता दें की ये खर्चा शुरुआत में एक बार होता है और बाद में खर्चा कम आता है। शीप में एक मोती को तैयार होने में लगभग 14 से 15 महीनो का समय लगता है और उसके बाद अगली फसल की तैयारी की जाती है।

मोती की खेती के लिए ट्रेनिंग जरुरी

सभी किसान भाइयों को मोती की खेती (Pearl Farming) करने के लिए सबसे पहले कुछ दिनों तक ट्रेनिंग लेकिन बहुत जरुरी होती है। बिना ट्रेनिंग के आप सीपियों में कण या फिर मोती की डिज़ाइन डालने का काम सही से नहीं कर पायेंगे और मोतियों का निर्माण करने वाले जीवों की मृत्यु हो सकती है।

ट्रेनिंग के लिए आजकल बहुत सारे किसान भाइयों ने शुरुआत की है। आप अपने नजदीकी किसान भाई जो पहले से मोती की खेती (Pearl Farming) कर रहा है उससे सम्पर्क कर सकते है और कुछ दिन तक वहां ट्रेनिंग ले सकते है। ट्रेनिंग के लिए आप सर्कार के द्वारा चलाये जा रहे सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्‍वाकल्‍चर संस्था से भी सम्पर्क कर सकते है जहां पर आपको सरकार के द्वारा मोती की खेती को लेकर फ्री में ट्रेनिंग दी जाती है। यहां देखिये मोती की खेती की ट्रेनिंग का वीडियो जिसमे अच्छे से बताया गया है की आखिर मोती की खेती (Pearl Farming) कैसे की जाती है।

एक मोती कितने में बिकता है?

मोतियों के दाम उनकी साइज और गुणवत्ता पर निर्भर करता है और सभी मोती एक दाम में नहीं बिकते। अगर आपकी मोती की खेती (Pearl Farming) से तैयार होने वाले मोतियों की गुणवत्ता अच्छी है और आकार में भी बड़े हैं तो फिर आपको काफी अधिक मुनाफा होता है। मौजूदा समय में मार्किट में 1 मिलीमीटर से 20 मिलीमीटर आकर के मोती की कीमत करीब 300 रूपए से लेकर 1500 रूपए तक होती है।

इसके अलावा आजकल मार्किट में डिज़ाइनर मोतियों की डिमांड भी बहुत अधिक है और ये पिछले कुछ सालों में काफी प्रचलन में आ गए है। ये डिज़ाइनर मोतियों की कीमत साधारण मोतियों से काफी अधिक होती है लेकिन डिज़ाइनर मोतियों को तैयार होने में समय भी अधिक लगता है।

मोती कितने दिन में तैयार होता है?

किसान भाई जब मोती की खेती (Moti Ki Kheti) करते है तो सबके मन में ये सवाल चलता रहता है की आखिर मोती कितने दिन में तैयार होगा। लेकिन आपको बता दें की शीप के अंदर एक मोती को तैयार होने में लगभग 14 से 15 महीनो का समय लगता है और डिज़ाइनर मोती को तैयार होने में थोड़ा अधिक समय लगता है।

मोती को तैयार करने के लिए शीप का थोड़ा सा मुंह खोलकर उसमे कण डाल दिया जाता है और फिर शीप को नाइलोन की जालीनुमा थैली में डालकर पानी में दाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया को सर्जरी करना कहते है। लेकिन अगर किसान भाइयों को डिज़ाइनर मोती तैयार करने है तो कण की जगह पर जो भी डिज़ाइन आपको तैयार करना है उसको शीप के अंदर डालना होता है और फिर उसका मुंह बंद करने नाइलोन की जाली में डालकर पानी में लटकाना होता है।

मोती की खेती कहां होती है?

मोती की खेती (Pearl Farming) वैसे तो आजकल किसान भाई पूरी दुनिया में करने लगे है। इसमें सबसे जरुरी बात ये है की मोती कौन से पानी में तैयार किये जा रहे है। क्योंकि मोती खारे पानी और मीठे पानी दोनों में ही तैयार होते है। मीठे पानी की मोती की खेती चीन में सबसे अधिक होती है और चीन में मीठे पानी में तैयार किये गए मोतियों की साइज लगभग 2 मिलीमीटर से लेकर 13 मिलीमीटर तक होती है।

इसके अलावा भारत में भी आजकल मोती की खेती (Moti Ki Kheti) का चलन बढ़ गया है और बहुत से किसान भाई अपने खेतों पर इसका सेटअप डालकर अपना बिज़नेस करने लगे हुए है। भारत में भी ज्यादातर मीठे पानी में ही मोती की खेती की जाती है।

 

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मैं शुभम मौर्या पिछले 2 सालों से न्यूज़ कंटेंट लेखन कार्य से जुड़ा हुआ हूँ। मैं nflspice.com के साथ में मई 2023 से जुड़ा हुआ हूँ और लगातार अपनी न्यूज़ लेखन का कार्य आप सबसे के लिए कर रहा हूँ। न्यूज़ लेखन एक कला है और सबसे बड़ी बात की न्यूज़ को सही ढंग से समझाना ही सबसे बड़ी कला मानी जाती है और इसी कोशिश में इसको लगातार निखारने का प्रयास कर रहा हूँ।
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