Haryana News: हरियाणा सरकार ने मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन कफ सिरप की बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने का फैसला किया है, जिनमें डायथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक खतरनाक रासायनिक पदार्थ पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में राज्यभर के डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी तरह का कफ सिरप न खरीदें और न ही उसका सेवन करें।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि दवाओं के इस्तेमाल में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इसी वजह से कफ सिरप के वितरण और उपयोग को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
डॉक्टरों को दिए गए सख्त निर्देश
जींद सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रघुबीर पूनिया ने बताया कि जिन कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है उन पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकारी आपूर्ति प्रणाली के जरिए अस्पतालों में पहुंच रहे कफ सिरप अधिकृत वेयरहाउस से आ रहे हैं और उनमें यह खतरनाक पदार्थ नहीं पाया गया है।
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डॉ. पूनिया के अनुसार सभी डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्ची (Prescription) के किसी भी मरीज को कफ सिरप उपलब्ध न कराया जाए। साथ ही संदिग्ध दवाओं के इस्तेमाल से बचने की सलाह भी दी गई है।
उन्होंने कहा कि कफ सिरप को लेकर जारी निर्देशों का उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकना है।
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जानलेवा साबित हो सकता है डायथिलीन ग्लाइकॉल
डॉ. पूनिया ने बताया कि डायथिलीन ग्लाइकॉल युक्त कफ सिरप मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे मामलों में बच्चों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसी कारण स्वास्थ्य विभाग किसी प्रकार का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है और दवाओं की निगरानी को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की गुणवत्ता (Quality Control) और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि मरीजों तक केवल सुरक्षित दवाएं ही पहुंचें।
अस्पतालों में बढ़ाई गई निगरानी
जींद सिविल अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। डॉ. पूनिया के अनुसार अस्पताल की ओपीडी (Out Patient Department) में रोजाना करीब 125 से 150 मरीज आते हैं। ऐसे में दवाओं की जांच और वितरण प्रक्रिया को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें। यदि किसी दवा को लेकर संदेह हो या कोई संदिग्ध उत्पाद बाजार में दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य अधिकारियों को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
