Haryana Drug Crackdown: नशे के मामलों पर अब होगी तेज सुनवाई, सरकार ने 13 नई फास्ट ट्रैक अदालतों को दी मंजूरी
Haryana Drug Crackdown: हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ती नशे की चुनौती से निपटने के लिए न्यायिक स्तर पर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने नशीले पदार्थों (Drugs) और ड्रग्स तस्करी (Drug Trafficking) से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए 13 नई फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों (Fast Track Special Courts) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है।
सरकारी स्तर पर इसे केवल न्यायिक व्यवस्था का विस्तार नहीं बल्कि नशे के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का अहम हिस्सा माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित पड़े मामलों के कारण कई बार कार्रवाई की गति प्रभावित होती थी, लेकिन नई अदालतों के गठन के बाद ऐसे मामलों के निपटारे में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सिरसा और फतेहाबाद को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
जारी अधिसूचना के अनुसार सिरसा जिले में 6 और फतेहाबाद में 2 नई फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें स्थापित की जाएंगी। दोनों जिले लंबे समय से सीमावर्ती क्षेत्रों के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों को लेकर संवेदनशील माने जाते रहे हैं।
विशेष अदालतों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई के लिए लंबा इंतजार कम होगा और जांच एजेंसियों द्वारा दाखिल चार्जशीट पर तेजी से सुनवाई संभव हो सकेगी।
कुल 21 विशेष अदालतों का नेटवर्क तैयार
नई अदालतों के गठन के बाद हरियाणा में फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों की कुल संख्या 21 हो जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों में भी अतिरिक्त अदालतों का गठन किया जा सकता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष अदालतों की संख्या बढ़ने से केस बैकलॉग (Case Backlog) कम होगा और दोष सिद्ध होने की स्थिति में अपराधियों को समय पर सजा मिल सकेगी। इससे कानून का डर बढ़ेगा और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
केवल गिरफ्तारी नहीं, अब तेजी से न्याय पर भी जोर
पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा में नशे के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार अभियान चलाए गए हैं। बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी के मामले सामने आए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होती बल्कि मामलों का समय पर न्यायिक निपटारा भी उतना ही जरूरी है।
यही कारण है कि सरकार अब कार्रवाई के अगले चरण में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, ताकि गिरफ्तार आरोपियों के मामलों का जल्द फैसला हो सके।
समाज को जाएगा सख्त संदेश
विशेष अदालतों के गठन को सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नशे की लत से प्रभावित परिवारों और युवाओं के लिए यह संदेश है कि सरकार केवल रोकथाम ही नहीं बल्कि अपराधियों के खिलाफ त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच, अभियोजन (Prosecution) और अदालतों की प्रक्रिया समान गति से आगे बढ़े तो नशे के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।



