Haryana News: हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण कम करने और पुराने वाहनों के स्थान पर आधुनिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एनसीआर जिलों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई।
इस फैसले के तहत पुराने बीएस-IV अथवा उससे पूर्व उत्सर्जन मानकों वाले ट्रकों और बसों को बदलकर नए पर्यावरण अनुकूल वाहन खरीदने वालों को कर राहत दी जाएगी।
नए BS-VI, EV और CNG वाहनों पर 100% टैक्स छूट
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, योजना के पात्र लाभार्थियों को नए बीएस-VI अथवा उससे अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक और बस खरीदने पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
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यह लाभ इलेक्ट्रिक (EV) और सीएनजी (CNG) बसों एवं ट्रकों की खरीद पर भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
पुराने BS-VI और EV वाहनों पर भी मिलेगी राहत
सरकार ने केवल नए वाहनों तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। यदि कोई पात्र लाभार्थी पुराना (Used) बीएस-VI, इलेक्ट्रिक या सीएनजी ट्रक अथवा बस खरीदता है तो उसे मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
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इस प्रकार नए और पुराने दोनों प्रकार के स्वच्छ वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया गया है।
10 वर्षों तक मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा दी जाने वाली मोटर वाहन कर छूट 10 वर्षों की अवधि तक मान्य रहेगी। यह अवधि परिवहन क्षेत्र के लिए एक दीर्घकालिक प्रोत्साहन मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी लंबी अवधि तक कर राहत मिलने से परिवहन कंपनियां और वाहन मालिक पुराने वाहनों को बदलने के लिए अधिक उत्साहित होंगे।
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पंजीकरण शुल्क और बकाया देनदारियों में भी राहत
योजना के तहत खरीदे जाने वाले नए वाहनों के पंजीकरण पर पंजीकरण शुल्क में भी छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, पुराने ट्रकों और बसों को योजना में शामिल करने वाले लाभार्थियों को एक वर्ष से अधिक समय से लंबित कुछ देनदारियों में भी राहत प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद एनसीआर जिलों में पंजीकृत पुराने बीएस-IV अथवा उससे पहले के उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों से जुड़ी एक वर्ष से अधिक पुरानी बकाया देनदारियों में भी छूट का प्रावधान किया गया है।
1 लाख से अधिक वाहनों पर पड़ सकता है असर
सरकार के अनुसार इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को मिल सकता है। एनसीआर क्षेत्र में लगभग 93,458 ट्रक और 16,329 बसें इस पहल के दायरे में आती हैं।
सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से वाहन बेड़े का आधुनिकीकरण तेज होगा, वाहनों से निकलने वाले प्रदूषक तत्वों में कमी आएगी और एनसीआर के जिलों की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
