Haryana News: हरियाणा में अब रजिस्ट्री के साथ होगा स्वतः इंतकाल, CM सैनी ने लॉन्च की नई व्यवस्था

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ऑटो म्यूटेशन प्रणाली और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के राजस्व प्रशासन में बड़े सुधार की शुरुआत की। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब नागरिकों को इंतकाल के लिए अलग से आवेदन नहीं करना पड़ेगा।

हरियाणा निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर इस नई प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, जनस्वास्थ्य आभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा तथा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रजिस्ट्री होते ही स्वतः दर्ज होगा इंतकाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी होते ही संबंधित इंतकाल स्वतः दर्ज हो जाएगा और उसी समय इंतकाल नंबर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत कर दिया जाएगा। वहीं खेवट विभाजन वाले मामलों का निपटान अधिकतम 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नागरिक अब अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे और उसकी प्रति घर बैठे डाउनलोड तथा प्रिंट भी कर सकेंगे।

वर्षों की परेशानी से मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भूमि संबंधी मामलों और इंतकाल के लिए लोगों को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में एक से दो वर्ष तक इंतजार करना पड़ता था।

सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान इस समस्या के समाधान के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है। प्रदेश में लगभग 6 लाख लंबित इंतकाल मामलों में से करीब 4 लाख का निपटान पहले ही किया जा चुका है।

सरकार ने ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को लागू करने से पहले एक महीने तक पायलट आधार पर इसका परीक्षण किया। इस दौरान प्राप्त सुझावों और फीडबैक को शामिल किया गया।

मुख्यमंत्री के अनुसार शुरुआती चरण में ही लगभग 50 हजार इंतकाल स्वतः दर्ज किए जा चुके हैं।

पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में क्या बदला?

मुख्यमंत्री ने बताया कि पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से की गई थी और 1 नवंबर 2025 से इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया था।

अब इसके दूसरे चरण यानी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

नई प्रणाली में:

  • आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य होगी।
  • आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया गया है।
  • डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक सत्यापन लागू होगा।
  • ऑनलाइन स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा मिलेगी।
  • अतिरिक्त दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे।
  • क्यूआर कोड आधारित दस्तावेज सत्यापन उपलब्ध होगा।
  • तत्काल श्रेणी में रजिस्ट्री अपॉइंटमेंट की सुविधा मिलेगी।
  • डीटीपी और एनओसी सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होगा।

भ्रष्टाचार और देरी पर लगेगी रोक

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल निगरानी के तहत संचालित होगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सिस्टम स्वतः ऑटो-होल्ड लगा सकेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था से राजस्व प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनेगा तथा भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी में कमी आएगी।

विपुल गोयल बोले- अब नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन और निरंतर समीक्षा के कारण यह व्यवस्था साकार हो सकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि नागरिकों को पटवारी या राजस्व कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री के साथ ही म्यूटेशन की प्रक्रिया स्वतः पूरी हो जाएगी।

उन्होंने इसे नागरिक हित में उठाया गया एक क्रांतिकारी और पारदर्शी कदम बताया।

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