Haryana News: ₹60 करोड़ सरकारी फंड घोटाले में IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल गिरफ्तार, CBI ने लिया दो दिन की रिमांड पर

हरियाणा के वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को CBI ने सरकारी धन के कथित गबन मामले में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि शिक्षा और कृषि विभागों के खातों के जरिए करोड़ों रुपये की अनियमित निकासी हुई, जिससे राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

Haryana News: हरियाणा में सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े बहुचर्चित मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने वरिष्ठ IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। वर्ष 2000 बैच के अधिकारी पंकज अग्रवाल को पंचकूला की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की CBI रिमांड पर भेज दिया गया।

CBI के अनुसार, पंकज अग्रवाल उस समय स्कूल शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे, जब हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने चंडीगढ़ स्थित IDFC First Bank की सेक्टर-32 शाखा में खाते खोले थे। जांच एजेंसी का दावा है कि यह कदम राज्य वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के विपरीत था।

₹60.54 करोड़ के नुकसान का आरोप

CBI जांच में सामने आया है कि संबंधित विभागों ने निर्धारित सीमा से कहीं अधिक सरकारी धन इन खातों में स्थानांतरित किया। एजेंसी का आरोप है कि बाद में खातों के भीतर कई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किए गए, जिनके माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया से हरियाणा सरकार को करीब 60.54 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। CBI ने कहा है कि जांच के दौरान अधिकारी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

₹504 करोड़ के बड़े नेटवर्क की जांच

CBI का कहना है कि शिक्षा और कृषि विभागों से जुड़ा यह मामला एक बड़े वित्तीय घोटाले का हिस्सा है। जांच में पता चला है कि हरियाणा सरकार के आठ विभागों से संबंधित लगभग 504 करोड़ रुपये कथित तौर पर विभिन्न शेल कंपनियों और अन्य संस्थाओं तक पहुंचाए गए।

इस व्यापक मामले में CBI अब तक 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के कई अधिकारी तथा हरियाणा सरकार के कर्मचारी भी शामिल हैं।

मोबाइल डेटा और डिजिटल साक्ष्यों पर सवाल

अदालत में रिमांड की मांग करते हुए CBI ने बताया कि पंकज अग्रवाल के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कुछ चैट और कॉल रिकॉर्ड हटाए गए पाए गए। एजेंसी का आरोप है कि अधिकारी ने हटाए गए डेटा को पुनः प्राप्त करने में कोई सहयोग नहीं किया और जांच के दौरान भी आवश्यक जानकारी साझा नहीं की।

CBI ने अदालत को बताया कि डिजिटल साक्ष्यों, बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन की श्रृंखला तथा कथित रूप से अवैध धन से खरीदी गई संपत्तियों और सोने जैसी परिसंपत्तियों की जांच के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

एक अन्य IAS अधिकारी भी जांच के दायरे में

इस बीच, नगर निगम पंचकूला से जुड़े फंड गबन मामले में पहले गिरफ्तार किए गए IAS अधिकारी आर.के. सिंह को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

CBI ने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य भ्रष्टाचार मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL), चंडीगढ़ नगर निगम तथा CREST से जुड़े मामले शामिल हैं, जिनमें एजेंसी पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।

लेखक के बारे में
Avatar of Saloni Yadav

Saloni Yadav

सलोनी यादव हरियाणा की एक अनुभवी पत्रकार और लेखिका है जिन्होंने पिछले 5 सालों में कई अलग अलग मीडिया हाउस में लेखन कार्य को बखूबी निभाया है। वैसे रहने वाली कानपुर उत्तरप्रदेश की है लेकिन कई सालों से हरियाणा में रहती है इसलिए हरियाणा की हर छोटी बड़ी खबर पर इनकी काफी अच्छी पकड़ है। सलोनी हरियाणा की राजनीती, क्राइम और क्षेत्रीय ख़बरों को कवर करती है।

Leave a Comment