Hisar News: 130 रुपये के टोल विवाद में मैनेजर की हत्या, किराए की स्कॉर्पियो से कुचलकर भागे आरोपी

Hisar News: हिसार जिले के बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर टोल शुल्क को लेकर हुए विवाद में टोल मैनेजर संजय शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई ब्लैक स्कॉर्पियो खेदड़ गांव से किराए पर ली गई थी। बरवाला थाना पुलिस ने मामले में एक आरोपी मनोज उर्फ फिल्मी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
टोल कंपनी के कर्मचारी रूपेश मौर्य की शिकायत पर पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
टोल शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात हिसार की ओर से एक ब्लैक स्कॉर्पियो बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर पहुंची थी। टोल कर्मचारियों ने वाहन से निर्धारित 130 रुपये का शुल्क मांगा, लेकिन वाहन में सवार युवकों ने स्वयं को स्थानीय निवासी बताते हुए टोल देने से इनकार कर दिया।
शिकायतकर्ता रूपेश मौर्य के अनुसार वाहन में सवार युवक शराब के नशे में थे। टोल शुल्क मांगने पर उन्होंने कर्मचारियों के साथ बहस शुरू कर दी और जबरन बैरियर हटाकर वाहन आगे निकाल लिया।
मारपीट के बाद वाहन से कुचलने का आरोप
टोल कर्मचारियों के मुताबिक कुछ दूरी पर जाकर आरोपियों ने वाहन रोक लिया। इस दौरान टोल मैनेजर संजय शुक्ला उनसे बात करने के लिए पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद युवकों ने संजय को जान से मारने की धमकी दी और 4-5 लोग लाठी-डंडे लेकर वाहन से बाहर निकले।
कर्मचारियों का कहना है कि आरोपियों ने संजय के साथ मारपीट की। जब अन्य कर्मचारी बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपी गुस्से में वाहन को तेजी से बैक कर संजय के ऊपर चढ़ाकर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल संजय को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने रखीं दो प्रमुख मांगें
पोस्टमॉर्टम के बाद भी परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। मृतक के साले बृजेश ने कहा कि परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
परिजनों की दूसरी मांग सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी करने की है। उनका कहना है कि संजय शुक्ला ने लगभग 20 वर्षों तक टोल कंपनी में सेवा दी थी और परिवार को उचित सहायता मिलनी चाहिए।
पुलिस का दावा, जल्द होंगे सभी आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस की क्राइम टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार वारदात में इस्तेमाल वाहन का नंबर पुलिस के पास मौजूद है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
