- अग्निवीरों के लिए बड़ा ऐलान, भविष्य पर लगी मुहर
- 10% से सीधे 50%! CAPF भर्ती में ऐतिहासिक फैसला
- चार साल बाद नौकरी की चिंता खत्म? सरकार का बड़ा संकेत
- फिजिकल से छूट, लिखित परीक्षा जरूरी – भर्ती नियम साफ
- भर्ती नियमों में होंगे बड़े बदलाव, अग्निवीरों को प्राथमिकता
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के पहले बैच की सेवा अवधि पूरी होने से पहले ही केंद्र सरकार ने उनके भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाकर एक अहम संदेश दिया है जिससे चार साल की सैन्य सेवा के बाद रोजगार को लेकर बनी अनिश्चितता काफी हद तक कम होती दिख रही है।
10% से सीधे 50% तक बढ़ा आरक्षण
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 19 दिसंबर को जारी अधिसूचना के मुताबिक अब केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के ग्रुप-सी पदों में पूर्व अग्निवीरों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इससे पहले यह आरक्षण सीमा 10 प्रतिशत तय की गई थी।
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए युवाओं का पहला बैच अगले साल सेवा से मुक्त होने वाला है।
शारीरिक परीक्षा से छूट रहेगी, लिखित परीक्षा देनी होगी
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूर्व अग्निवीरों को पहले की तरह शारीरिक मानक परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट मिलती रहेगी। हालांकि उन्हें अन्य उम्मीदवारों की तरह लिखित परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था इसलिए रखी गई है ताकि भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और पारदर्शिता बनी रहे।
भर्ती नियमों में होंगे चरणबद्ध बदलाव
गृह मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि सभी CAPF के ग्रुप-सी पदों के भर्ती नियमों में आने वाले दिनों में धीरे-धीरे संशोधन किया जाएगा। यह बदलाव मंत्रालय के उस पुराने फैसले से कहीं बड़ा माना जा रहा है जिसमें CAPF में अस्थायी भर्ती के तहत केवल 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।
अब आरक्षण को सीधे 50 प्रतिशत तक बढ़ाने को अग्निवीरों के लिए एक ठोस सुरक्षा कवच के तौर पर देखा जा रहा है।
अग्निवीरों के भविष्य को लेकर सरकार का संदेश
सरकारी हलकों में इसे केवल आरक्षण बढ़ोतरी नहीं बल्कि अग्निपथ योजना को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब भी माना जा रहा है। चार साल की सीमित सेवा के बाद रोजगार की चिंता को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी जिस पर अब केंद्र ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अग्निवीरों को मुख्यधारा की सुरक्षा सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पहले ही यह कह चुकी है कि अग्निपथ योजना का उद्देश्य युवाओं को अनुशासित, प्रशिक्षित और रोजगार के लिए सक्षम बनाना है। CAPF में बढ़ा हुआ आरक्षण उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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