Delhi Pollution Crackdown: दिल्ली की जहरीली हवा पर लगाम कसने के लिए सरकार ने आज से एक सख्त लेकिन सीधा कदम उठा लिया है। अब राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी पीयूसीसी (PUCC) वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। आदेश लागू होते ही पेट्रोल पंपों पर जांच का माहौल दिखा और कई जगह लोगों की लंबी कतारें भी नजर आईं।
सरकार ने पेट्रोल पंप संचालकों को साफ निर्देश दिए हैं कि वाहन को फ्यूल देने से पहले पीयूसीसी की वैधता जरूर जांची जाए। इसके लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम के साथ-साथ मौके पर मैन्युअल जांच भी की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस के अलावा परिवहन विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी पंपों पर तैनात किए गए हैं ताकि नियम का सख्ती से पालन हो सके।
हालांकि इस फैसले में कुछ जरूरी सेवाओं को राहत दी गई है। एंबुलेंस, दमकल वाहन, पुलिस की गाड़ियां और जरूरी सामान ले जाने वाले वाहन इस प्रतिबंध से बाहर रखे गए हैं ताकि आपात सेवाओं और सप्लाई चेन पर असर न पड़े।
दिल्ली सरकार का तर्क भी आया सामने
पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा ने इस कदम की घोषणा करते हुए कहा कि राजधानी में वायु प्रदूषण की बड़ी वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार का मानना है कि पीयूसीसी जैसे नियमों को कागजों तक सीमित रखने के बजाय जमीन पर लागू करना जरूरी हो गया है ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सके।
पेट्रोल पंपों पर अभी से बदला माहौल
आदेश के बाद बुधवार को कई पेट्रोल पंपों के पास पीयूसीसी अपडेट कराने वालों की भीड़ दिखी। कुछ लोग सुबह-सुबह ही सर्टिफिकेट बनवाने पहुंच गए ताकि ऑफिस जाने में दिक्कत न हो। कई केंद्रों पर इंतजार लंबा रहा और लोगों में बेचैनी भी दिखी।
VIDEO | The Delhi Traffic Police and transport department's enforcement teams will be deployed at petrol pumps and borders as a ban on entry of non-BS VI vehicles registered outside Delhi kicks in from Thursday.
According to officials, the Transport Department has 78 to 80… pic.twitter.com/tbQTzm2Teh
इस फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई वाहन चालकों का कहना है कि अचानक लागू किए गए नियम से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होगी। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब दूसरे शहरों में ऐसे सख्त कदम नहीं उठाए गए और वहां प्रदूषण का स्तर दिल्ली जैसा नहीं है, तो सिर्फ यहां ही इतनी सख्ती क्यों।
एक ड्राइवर ने कहा कि दफ्तर जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी और इससे आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। उसने यह भी सवाल उठाया कि पहले लगाए गए एयर प्यूरीफायर और अन्य उपायों का क्या हुआ जिनसे प्रदूषण में खास कमी नहीं आई।
अब आगे क्या होगा?
सरकार साफ कर चुकी है कि यह कदम केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और आने वाले दिनों में निगरानी और कड़ी की जा सकती है। प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली में यह फैसला राहत बनेगा या नई परेशानी, इसका जवाब अब सड़कों पर दिखने वाले असर से ही मिलेगा।
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Saloni Yadav Verified Public Figure • 27 Feb, 2026Chief Editor
सलोनी यादव (Managing Editor): एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्होंने अपने 10 साल के करियर में कई अलग-अलग विषयों को बखूबी कवर किया है। उन्होंने कई बड़े प्रकाशनों के साथ काम किया है और अब NFL स्पाइस पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं। सलोनी यादव हमेशा प्रामाणिक स्रोतों और अपने अनुभव के आधार पर जानकारी साझा करती हैं और पाठकों को सही और विश्वसनीय सलाह देती हैं।