Bhojpur News: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा मोड़, पुलिस अधिकारियों समेत कई कर्मियों पर FIR दर्ज

NFLSpice News, Bhojpur: भोजपुर जिले के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस विभाग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। मृतक की मां आशा देवी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर शाहपुर थाने में संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राज ने 23 जून 2026 को इसकी पुष्टि की।
यह मामला बिहार के भोजपुर जिले में हुए उस पुलिस एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
जानकारी के अनुसार भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भोजपुर एसपी को एक लिखित आवेदन दिया था। इसी आवेदन के आधार पर शाहपुर थाने में जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शाहपुर थानाध्यक्ष तथा अन्य सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
आशा देवी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उनका बेटा बाढ़ प्रभावित और विस्थापित लोगों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष लगातार आवाज उठा रहा था। उन्होंने दावा किया कि घटना वाले दिन कई पुलिस अधिकारी और जवान उनके घर पहुंचे और भरत तिवारी को अपने साथ चलने के लिए कहा।
आत्मसमर्पण के बाद गोली मारने का आरोप
शिकायत में आशा देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने फेसबुक लाइव के दौरान अपने पास मौजूद हथियार फेंक दिया था और पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर जमीन पर गिराया और उस पर गोली चलाई।
परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी को कुल पांच गोलियां मारी गईं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से जगदीशपुर पुलिस उपाधीक्षक के आदेश पर फायरिंग की गई थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पांच पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं निलंबित
इस मामले में विभागीय स्तर पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। अब तक पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, पुलिस अवर निरीक्षक अंकित आर्यन, पुलिस अवर निरीक्षक हरश्चंद्र कुमार, सहायक अवर निरीक्षक रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी शामिल हैं।
अब जांच पर टिकी है सबकी नजर
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद उन्हें कई घंटों तक सही जानकारी नहीं दी गई और बाद में भरत तिवारी की मौत की सूचना दी गई। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।



