Kolkata News: निर्माणाधीन फैक्ट्री का शेड गिरा, 4 मजदूरों की मौत, मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन फैक्ट्री का शेड गिरने से बड़ा हादसा हो गया। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और कई लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

Kolkata News: कोलकाता के तारातला क्षेत्र में मंगलवार को एक निर्माणाधीन फैक्ट्री का शेड अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। प्रशासन, सेना और आपदा राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की संभावना है, जिसके चलते राहत कार्य लगातार जारी है।
तारातला में कैसे हुआ हादसा, अब तक क्या जानकारी सामने आई
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन फैक्ट्री परिसर में मजदूर और अन्य कर्मचारी मौजूद थे। अचानक शेड का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे वहां काम कर रहे कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
राहत टीमों ने तत्काल अभियान शुरू करते हुए अब तक 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, मलबे से निकाले गए लोगों में से चार की मौत हो चुकी है। पहले तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई।
घटना के समय फैक्ट्री परिसर में कुल कितने लोग मौजूद थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। इसी कारण बचाव एजेंसियां हर संभावित स्थान पर खोज अभियान चला रही हैं ताकि कोई भी व्यक्ति मलबे के नीचे न छूटे।
घायलों का इलाज जारी, कई लोगों की हालत गंभीर
हादसे में घायल हुए लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मलबे से निकाले गए लोगों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सक्रिय कर दी है। मेडिकल टीमों को अलर्ट पर रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त उपचार सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जा सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। हादसे के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संरचनात्मक कमजोरी, निर्माण संबंधी त्रुटि या किसी अन्य वजह से यह दुर्घटना हुई।
राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी
हादसे के बाद सेना, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग की टीमों को मौके पर तैनात किया गया। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, लगभग 12 से 18 लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत टीमों को कुछ फंसे हुए लोगों से संपर्क स्थापित होने की जानकारी भी मिली है, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सभी एजेंसियां समन्वय के साथ राहत कार्य में जुटी हुई हैं और प्राथमिकता लोगों की सुरक्षित निकासी है। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
प्रशासन की नजर जांच पर भी
राहत अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन द्वारा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। निर्माणाधीन परियोजना में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच होने की संभावना है।
कोलकाता में हुए इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों के उपचार पर केंद्रित है।



