मानसून की आहट: यूपी-दिल्ली समेत 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

IMD weather alert 14 June: चिलचिलाती और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए राहत की बूंदें अब आफत की रफ्तार के साथ आ रही हैं। मौसम विभाग (IMD) ने 14 जून को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 18 से अधिक राज्यों के लिए धूल भरी आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने के कारण मौसम का यह मिजाज बेहद आक्रामक रूप ले सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के दौरान मैदानी और पहाड़ी इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यह गति इतनी तेज है कि कमजोर बुनियादी ढांचे, कच्चे मकानों और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ बड़े पेड़ों के उखड़ने का सीधा खतरा है।

प्रशासन ने आम जनता को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर भंडारण करने की सख्त हिदायत दी है।

दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मिजाज

राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में रविवार को दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।

भले ही इस बारिश से दिल्लीवासियों को भीषण हीटवेव से बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन अचानक आने वाले इस तूफान के चलते सड़कों पर जलजमाव और ट्रैफिक जाम जैसी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक बिगड़ेगा मौसम

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और रिहायशी हलकों में मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद हलचल तेज हो गई है। राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के प्रमुख जिलों जैसे मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में मौसम अचानक पलटी मारेगा।

इन जिलों में धूल भरी आंधी के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का गंभीर अलर्ट है। आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद कर दिया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे आंधी के समय बिजली के खंभों, ऊंचे ढांचों या पुराने पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें।

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